अलवर में 33 हजार वोल्ट की लाइन शिफ्टिंग का विरोध, महिलाओं ने किया हंगामा; पुलिस तैनात
अलवर। अरावली विहार थाना क्षेत्र के रूपबास रोड पर हाईटेंशन बिजली लाइन की शिफ्टिंग को लेकर विवाद बढ़ गया। विद्युत विभाग की ओर से घरों के सामने पोल लगाने और लाइन बिछाने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और काम रुकवाने की मांग करने लगे।
स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद कई थानों का पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात किया गया। पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर जताया विरोध
विद्युत विभाग की टीम रूपबास रोड पर बिजली लाइन शिफ्टिंग के लिए पोल लगाने का काम कर रही थी। इसी दौरान स्थानीय महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। महिलाओं ने घरों के सामने पोल लगाने का विरोध किया और काम रोकने की मांग की।स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद कई थानों से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को मौके से हटाया। इसके बाद पोल लगाने के लिए गड्ढा खोदने का काम शुरू किया गया।
पहले से गुजर रही 33 और 11 हजार वोल्ट की लाइन
स्थानीय निवासी मीना सैनी, रितु सैनी सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र के तीन घरों के ऊपर से पहले ही 33 हजार और 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजर रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार अब विद्युत विभाग इन लाइनों को हटाकर घरों के सामने पोल लगाकर नई लाइन शिफ्ट कर रहा है। लोगों का कहना है कि घरों के सामने से हाईटेंशन लाइन गुजरने पर बारिश के दौरान करंट और हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
मुख्य मार्ग और स्कूल बसों की आवाजाही का हवाला
स्थानीय लोगों का कहना है कि रूपबास रोड मुख्य मार्ग है। इस सड़क से रोजाना स्कूल बसों के अलावा बड़े वाहन और ट्रोले गुजरते हैं।लोगों का तर्क है कि ऐसे व्यस्त मार्ग पर हाईटेंशन लाइन और पोल होने से सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। स्थानीय लोगों ने पूर्व में हुए एक हादसे का भी हवाला दिया।
पिछले साल करंट से व्यक्ति की मौत का दावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले वर्ष बिजली लाइन टूटने के बाद एक व्यक्ति करंट की चपेट में आ गया था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।लोगों का कहना है कि पुराने हादसे के बाद वे ऐसी व्यवस्था नहीं चाहते, जिससे भविष्य में दोबारा करंट या बिजली से जुड़ा कोई बड़ा हादसा हो।हालांकि पूर्व हादसे और वर्तमान लाइन शिफ्टिंग के बीच तकनीकी संबंध की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
अंडरग्राउंड लाइन की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें बिजली लाइन शिफ्ट करने पर आपत्ति नहीं है। उनकी मांग है कि आबादी और स्कूलों के बीच से हाईटेंशन लाइन निकालने के बजाय इसे अंडरग्राउंड किया जाए।लोगों का यह भी आरोप है कि उन्होंने लाइन बिछाने को लेकर किसी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में विभाग को अपनी आपत्ति पहले ही बताई जा चुकी है।
SE को शिकायत के बाद जांच के आदेश
स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने मामले को लेकर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता यानी SE को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद जांच के आदेश दिए जाने की बात भी सामने आई है।इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर 8 से 10 दिन में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू करने पहुंच जाते हैं। विरोध के बाद काम रोकना पड़ता है।
तनाव के बीच पुलिस ने संभाला मोर्चा
विरोध बढ़ने के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारी स्थानीय लोगों और बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं।फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक लाइन शिफ्टिंग का काम रोका जाए।
सुरक्षा को लेकर समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी, स्कूलों और मुख्य मार्ग को देखते हुए बिजली लाइन के लिए सुरक्षित विकल्प तलाशना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से अंडरग्राउंड लाइन के विकल्प पर विचार करने की मांग की है।अब विवाद का समाधान जांच और विद्युत विभाग के तकनीकी निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल मौके पर पुलिस जाप्ता तैनात है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।