कोटा में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: “सरपंच गांव नहीं आता, शराब पीकर रहता है मस्त”
राजस्थान के कोटा जिले में उस समय माहौल गरमा गया, जब पंचायती राज एवं शिक्षा मंत्री Madan Dilawar ने गांवों का औचक निरीक्षण किया। गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था और चारों तरफ फैली गंदगी देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद उसने गांव की सुध तक नहीं ली। मौके पर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल जांच के निर्देश दिए।
गांव पहुंचते ही खुली सफाई व्यवस्था की पोल
कैबिनेट मंत्री Madan Dilawar मंगलवार को कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति के मानस और रामराजपुरा गांव पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गांव की गलियों में गंदगी, जाम नालियां और सड़कों पर फैला कचरा देखकर मंत्री नाराज नजर आए। ग्रामीणों के साथ पैदल भ्रमण करते हुए उन्होंने हालात का जायजा लिया। गांववासियों ने बताया कि सफाई व्यवस्था लगभग ठप है और नियमित रूप से सफाई कर्मी भी नहीं आते। मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जवाब मांगा और लापरवाही पर नाराजगी जताई।
“चुनाव के बाद सरपंच दिखा ही नहीं”
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की। लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में गांव के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरपंच गांव में दिखाई तक नहीं देता। ग्रामीणों का आरोप था कि पंचायत स्तर पर सफाई और विकास कार्य पूरी तरह उपेक्षित हैं। लोगों ने यह भी कहा कि गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के बयान सुनकर मंत्री ने अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट तलब की।
मंत्री ने मौके से ही अधिकारियों को लगाई फटकार
गांवों की हालत देखकर मंत्री Madan Dilawar ने विकास अधिकारियों को फोन कर जवाब मांगा। उन्होंने बीडीओ से सफाई व्यवस्था, संसाधनों और पंचायत के कामकाज को लेकर सवाल किए। ग्रामीणों ने बताया कि पांच गांवों के लिए केवल एक ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध है, जिससे नियमित कचरा उठाव संभव नहीं हो पाता। मंत्री ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारियों की कार्यशैली पर भी असंतोष व्यक्त किया।
पंचायत व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सफाई, जल निकासी और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। मंत्री के दौरे के बाद अब गांववासियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा और पंचायत स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और गांवों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।