वेनेज़ुएला में दोहरे भूकंप से भारी तबाही, मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका; राष्ट्रपति ने किया आपातकाल का ऐलान
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। राजधानी कराकास समेत कई राज्यों में इमारतें ढह गईं, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हुईं तथा राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में हालात बेहद गंभीर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मृतकों और घायलों की संख्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
कुछ सेकंड के अंतराल में आए दो विनाशकारी झटके
वेनेज़ुएला में बुधवार शाम कुछ ही सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप दर्ज किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार दोनों झटके देश के उत्तरी हिस्से में आए और उनका असर राजधानी कराकास सहित कई राज्यों में महसूस किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक यह पिछले एक सदी में वेनेज़ुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल हैं। भूकंप के बाद 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है।
राष्ट्रपति ने किया आपातकाल का ऐलान
अंतरिम राष्ट्रपति Delcy Rodríguez ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश में आपातकाल लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों, अस्पतालों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया है। भूकंप से हुए नुकसान के कारण देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सरकार ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार अब तक 164 लोगों की मौत और करीब 971 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि कई इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण वास्तविक नुकसान का आकलन अभी पूरी तरह नहीं हो पाया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने चेतावनी दी है कि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंच सकती है। कई इमारतों के मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।
सबसे अधिक प्रभावित हुए तटीय राज्य
भूकंप का सबसे ज्यादा असर ला गुआरिया, अरागुआ, कराबोबो और फाल्कन जैसे उत्तरी तटीय क्षेत्रों में देखा गया है। कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि सड़कों और सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। कराकास की सड़कों पर हजारों लोग रातभर खुले आसमान के नीचे रहे क्योंकि उन्हें आफ्टरशॉक्स का डर सता रहा था। बिजली और इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान के कारण राहत कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
अमेरिका और भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने वेनेज़ुएला के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अमेरिकी प्रशासन ने खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा सहायता और मानवीय संसाधन भेजने की घोषणा की है। वहीं भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी हादसे पर दुख जताते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। राष्ट्रपति रोड्रिगेज़ ने विभिन्न देशों से मिल रहे समर्थन और सहायता प्रस्तावों के लिए आभार व्यक्त किया है।
भूकंप की वजह क्या रही?
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेज़ुएला उस क्षेत्र में स्थित है जहां कैरेबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से मिलती हैं। इन प्लेटों की हलचल के कारण अचानक ऊर्जा मुक्त होने से शक्तिशाली भूकंप उत्पन्न हुए। USGS का मानना है कि यह एक जटिल भूकंपीय प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके कारण लगातार दो बड़े झटके महसूस किए गए। वैज्ञानिकों ने आगे भी तेज आफ्टरशॉक्स आने की आशंका जताई है।