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US Navy: श्रीलंका को हाईटेक सैटेलाइट सिस्टम देगा अमेरिका, हिंद महासागर में बढ़ेगी निगरानी क्षमता

अमेरिका ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए श्रीलंका को अत्याधुनिक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम देने का ऐलान किया है। करीब 4 मिलियन डॉलर की लागत वाले इस सिस्टम के जरिए श्रीलंका नौसेना की निगरानी और संचार क्षमता में बड़ा सुधार होगा। यह तकनीक दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर रियल-टाइम निगरानी और समन्वय को मजबूत करने में मदद करेगी।

श्रीलंका नौसेना को मिलेगा एडवांस्ड सैटेलाइट सिस्टम

अमेरिका श्रीलंका नौसेना के ऑफशोर पेट्रोल जहाजों के लिए ‘फ्लीट ब्रॉडबैंड’ सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम उपलब्ध कराएगा। इस तकनीक को कोभम और इनमारसैट जैसी कंपनियों ने विकसित किया है। यह सिस्टम समुद्र में लंबी दूरी तक सुरक्षित और निर्बाध संचार की सुविधा देता है, जिससे जहाज मुख्यालय और अन्य नौसैनिक इकाइयों के साथ लगातार संपर्क बनाए रख सकते हैं।

कोलंबो में हुई उच्चस्तरीय बैठक में हुआ ऐलान

इस सहायता की घोषणा कोलंबो पोर्ट पर श्रीलंका नौसेना के जहाज SLNS गजबाहु पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान की गई। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, परिचालन समन्वय और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। श्रीलंका के रक्षा अधिकारियों और नौसेना नेतृत्व ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए इस सहयोग को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

समुद्री निगरानी और आपदा राहत में मिलेगी मदद

फ्लीट ब्रॉडबैंड तकनीक के जरिए ‘शिप-टू-शिप’ और ‘शिप-टू-शोर’ संचार को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे श्रीलंका नौसेना दूरदराज के समुद्री क्षेत्रों में भी रियल-टाइम डेटा और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, इससे समुद्री क्षेत्र की जानकारी (Maritime Domain Awareness) बेहतर होगी और आपदा राहत, खोज एवं बचाव अभियानों के दौरान तेज प्रतिक्रिया देने में सहायता मिलेगी।

प्रतिबंधित जहाजों और समुद्री गतिविधियों पर रहेगी नजर

नई तकनीक की मदद से श्रीलंका हिंद महासागर के बड़े हिस्से में जहाजों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रख सकेगा। इससे संदिग्ध या प्रतिबंधित जहाजों की पहचान करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यह क्षमता क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना सकती है।

मालदीव और बांग्लादेश को भी मदद दे चुका है अमेरिका

अमेरिका इससे पहले भारत के अन्य पड़ोसी देशों को भी समुद्री निगरानी प्रणाली विकसित करने में सहयोग दे चुका है। मालदीव को जहाजों की आवाजाही का लाइव डेटा उपलब्ध कराने वाले सिस्टम से जोड़ा गया है, जबकि बांग्लादेश में उन्नत तटीय और सीमा निगरानी नेटवर्क तैयार करने में भी अमेरिकी सहायता मिली है। इन पहलों का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग और समुद्री जागरूकता को बढ़ाना है।

हिंद महासागर में बढ़ रहा रणनीतिक महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। ऐसे में समुद्री निगरानी क्षमताओं को मजबूत करना कई देशों की प्राथमिकता बन गया है। श्रीलंका को मिलने वाला यह नया सिस्टम क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

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