अलवर में फोटोग्राफी विवाद से हड़कंप, महिला पानी की टंकी पर चढ़ी; पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप
अलवर शहर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तिजारा फाटक निवासी एक महिला प्रताप स्कूल परिसर की पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गई। महिला ने फोटोग्राफी से जुड़े विवाद में पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज होकर यह कदम उठाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब आधे घंटे की समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतारा। घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं और मामला पुलिस जांच में है।
टंकी पर चढ़ी महिला, मौके पर मचा हड़कंप
घटना प्रताप स्कूल परिसर की है, जहां तिजारा फाटक निवासी मिथलेश अचानक पानी की टंकी पर चढ़ गईं। देखते ही देखते इलाके में भीड़ जुट गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने महिला को शांत करने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चली समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
फोटोग्राफी विवाद को लेकर लगाए गंभीर आरोप
महिला और उसके परिवार का आरोप है कि बोधन कॉलोनी निवासी एक आर्मी अधिकारी के पिता ने उनके बेटे दीपक के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल, लैपटॉप व अन्य सामान छीन लिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि 30 अप्रैल को एक शादी समारोह में फोटोग्राफी का काम तय हुआ था, जिसे पूरा करने के बाद भी विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि बाद में दबाव बनाकर पैसे और सामान को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसकी शिकायत अरावली विहार थाने में दी गई थी।
पुलिस कार्रवाई न होने से नाराजगी, टंकी पर चढ़ने की वजह बताई
पीड़ित परिवार का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि थाने में सुनवाई के बजाय उन्हें फटकार कर वापस भेज दिया गया। इसी से आहत होकर महिला ने यह कदम उठाया। महिला का कहना है कि बार-बार न्याय की गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, जिससे उन्हें मजबूरी में आत्मघाती कदम जैसा विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
दूसरे पक्ष का जवाब, पैसे और नुकसान का दावा
वहीं दूसरे पक्ष की ओर से प्रेमवती (कैप्टन की मां) ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि फोटोग्राफी के लिए तय राशि में अधिकांश भुगतान पहले ही किया जा चुका था। उनके अनुसार फोटोग्राफर ने अतिरिक्त पैसे की मांग की और बीच में काम छोड़ दिया, जिससे उन्हें परेशानी और नुकसान हुआ। उनका यह भी दावा है कि संबंधित सामान सुरक्षित है और पैसे को लेकर लिखित सहमति भी मौजूद है। फिलहाल मामला दोनों पक्षों के दावों के बीच उलझा हुआ है और पुलिस जांच जारी है।