एक्सप्रेस-वे पर वर्दी का कहर: युवक की पिटाई, कांस्टेबल लाइन हाजिर
रामगढ़ क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लेन-ड्राइविंग जागरूकता अभियान के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर जांच शुरू कर दी गई है।
जागरूकता अभियान में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
नौगांवा थाना पुलिस एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों को लेन-ड्राइविंग के लिए जागरूक करने निकली थी, लेकिन इसी दौरान एक विवाद ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने युवक के साथ मारपीट कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक कांस्टेबल युवक पर हाथ उठाता नजर आ रहा है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वीडियो वायरल होते ही कार्रवाई, कांस्टेबल लाइन हाजिर
मामले के सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया। एएसपी प्रियंका रघुवंशी के निर्देश पर आरोपी कांस्टेबल अनुराग को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की जांच पिंटू कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।
कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप
डीएसपी पिंटू कुमार के अनुसार, घटना सोमवार की है जब पुलिस टीम अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक युवक से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि कांस्टेबल ने अपनी वर्दी की गरिमा को नजरअंदाज करते हुए युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
200 रुपये की मांग का आरोप, ट्रक चालक घायल
घायल युवक की पहचान ट्रक चालक के रूप में हुई है, जिसे अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित के भाई हाकम दीन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने 200 रुपये की मांग की थी और पैसे न देने पर उसके भाई को पीटा गया। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है, जिससे पुलिस की छवि पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच जारी, पुलिस पर उठे बड़े सवाल
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जागरूकता अभियान के नाम पर आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।