बिहार में फायर सेफ्टी पर बड़ा एक्शन: अस्पताल-होटल सील होंगे, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
बिहार में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ अग्निशमन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। राजधानी पटना में कई अस्पतालों और होटलों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विभाग ने साफ कर दिया है कि आग से सुरक्षा संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को राहत नहीं दी जाएगी। इसी क्रम में कोचिंग संस्थानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जन सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पटना के अस्पतालों और होटलों पर सीलिंग की तैयारी
अग्निशमन विभाग के अनुसार राजधानी पटना के पांच अस्पतालों और सात होटलों के खिलाफ सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय जांच में इन संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की कमी या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए इन्हें सील किया जाएगा। इस फैसले के बाद होटल और अस्पताल संचालकों के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
खान ग्लोबल स्टडीज समेत सभी संस्थानों को चेतावनी
डीआईजी अग्निशमन मनोज कुमार नट ने स्पष्ट कहा कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि कार्रवाई का आधार केवल सुरक्षा मानक हैं और सभी संस्थानों के लिए नियम समान हैं। जिला अग्निशमन अधिकारी रितेश पांडेय के नेतृत्व में अभियान की निगरानी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य किसी विशेष संस्था को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
कई होटल और संस्थान जांच के दायरे में
विभाग ने जिन होटलों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया है, उनमें जमाल रोड स्थित कुछ प्रमुख होटल भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन संस्थानों को अंतिम अवसर दिया जा रहा है ताकि वे सुरक्षा मानकों को पूरा कर सकें। इसके अतिरिक्त 32 अस्पतालों और 20 होटलों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी संस्थानों को सात से चौदह दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित जिला प्रशासन को सीलिंग की अनुशंसा भेजी जाएगी।
हालिया अग्निकांडों के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में आग लगने की गंभीर घटनाओं ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। दिल्ली के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड और मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। इन्हीं घटनाओं के मद्देनजर बिहार अग्निशमन विभाग ने राज्यभर में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना ही बड़े हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
पूरे राज्य में जारी रहेगा विशेष निरीक्षण अभियान
अग्निशमन विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य के अन्य जिलों में भी होटल, अस्पताल, कोचिंग संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में फायर अलार्म, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिलेगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।