मेलोनी-ट्रंप विवाद ने पकड़ा तूल, कार्लो कैलेंडा ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर साधा तीखा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब इटली की घरेलू राजनीति तक पहुंच गया है। ट्रंप की एक पोस्ट के बाद विपक्षी नेता Carlo Calenda ने उनके खिलाफ तीखी टिप्पणी की और प्रधानमंत्री मेलोनी के समर्थन में खुलकर सामने आए। हालांकि, इटली सरकार ने इस विवाद पर संयम बरतने और अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखने की बात कही है।
ट्रंप की पोस्ट से फिर भड़का विवाद
विवाद उस समय फिर सुर्खियों में आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर जियोर्जिया मेलोनी की एक तस्वीर साझा करते हुए उस पर “Restraining Order Needed” (रोक लगाने का आदेश चाहिए) जैसी टिप्पणी की। यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई जब दोनों नेता NATO शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले थे। इससे पहले भी ट्रंप दावा कर चुके थे कि G7 सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाने की इच्छा जताई थी, जिसे इटली की प्रधानमंत्री ने पूरी तरह निराधार बताया था।
कार्लो कैलेंडा ने ट्रंप पर किया तीखा हमला
ट्रंप की नई पोस्ट के बाद इटली की विपक्षी पार्टी Azione के नेता कार्लो कैलेंडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री मेलोनी के समर्थन में संदेश लिखा। उन्होंने ट्रंप को “घटिया और दो कौड़ी का गुंडा” बताते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। कैलेंडा का यह बयान इटली में तेजी से चर्चा का विषय बन गया और इसे ट्रंप की टिप्पणी के खिलाफ सबसे तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में से एक माना गया।
इटली सरकार ने अपनाया संतुलित रुख
विवाद बढ़ने के बावजूद इटली सरकार ने आधिकारिक स्तर पर संयमित प्रतिक्रिया दी। रक्षा मंत्री Guido Crosetto ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अमेरिका जैसे महत्वपूर्ण सहयोगी देश के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत नेताओं के बीच मतभेद अस्थायी हो सकते हैं, लेकिन दोनों देशों के रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते लंबे समय तक कायम रहते हैं। प्रधानमंत्री मेलोनी ने भी ट्रंप की नई पोस्ट पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है।
कैसे शुरू हुआ था ट्रंप-मेलोनी विवाद?
दोनों नेताओं के बीच तनाव की शुरुआत G7 शिखर सम्मेलन के बाद हुई थी। ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी ने उनसे फोटो खिंचवाने के लिए आग्रह किया था, जबकि मेलोनी ने इसे “पूरी तरह मनगढ़ंत” बताते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया के जरिए कई बार बयानबाजी हुई। हालिया पोस्ट ने इस विवाद को फिर से हवा दे दी है और NATO शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका और इटली के रिश्तों पर भी इसकी चर्चा होने लगी है।