पूर्व सरपंच के भाई की संदिग्ध मौत, हत्या का केस दर्ज
नागौर के पीह गांव में पूर्व सरपंच के भाई देवकरण जाजड़ा की संदिग्ध मौत के मामले में 12 घंटे बाद सहमति बनी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है।
12 घंटे धरने के बाद पोस्टमार्टम पर बनी सहमति
नागौर जिले के पीह गांव के पूर्व सरपंच अमरचंद जाजड़ा के भाई देवकरण जाजड़ा की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों और पुलिस के बीच लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी। करीब 12 घंटे तक चले धरने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने की अनुमति दी। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले को लेकर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और परिजन निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे।
ड्राइवर और कार से जुड़े घटनाक्रम पर जांच
पुलिस के अनुसार देवकरण अपने ड्राइवर नाथू के साथ कार से निकला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नाथू बाद में नशे की हालत में कार छोड़कर चला गया और संदिग्ध स्थिति में घूमता पाया गया। बाद में कार छातड़ी गांव के पास कीचड़ में फंस गई। इसी दौरान देवकरण को ग्रामीणों ने अजीब स्थिति में देखा, जहां वह कभी भागता तो कभी असामान्य हरकतें करता नजर आया। पुलिस का मानना है कि घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए मोबाइल और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
नदी किनारे बेहोशी, अस्पताल में मौत की पुष्टि
ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति नदी किनारे बेहोश पड़ा है। मौके पर पहुंची गेगल थाना पुलिस ने उसे तुरंत जेएलएन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने देवकरण को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे साजिशन नशीला पदार्थ दिया गया, जिससे उसकी मौत हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच का आधार बताते हुए कहा है कि वास्तविक कारण तभी स्पष्ट होगा।
हत्या का केस दर्ज, मोबाइल-चाबी गायब
परिजनों के आरोप और शिकायत के आधार पर गेगल थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। परिजनों का कहना है कि देवकरण का मोबाइल फोन और कार की चाबी अभी तक नहीं मिली है, जिससे साजिश की आशंका और गहरी हो रही है। पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।