दिल्ली में आधी रात दर्दनाक हादसा: छत गिरने से दंपती की मौत, 9 वर्षीय बेटा सुरक्षित बचा
दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। देर रात एक मकान की छत अचानक ढह जाने से मलबे में दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनका 9 वर्षीय बेटा चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों, पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल पुलिस छत गिरने के कारणों की जांच कर रही है।
रात करीब 10 बजे हुआ हादसा, मलबे में दबा दंपती
जानकारी के अनुसार, यह हादसा न्यू उस्मानपुर के जेपी नगर स्थित गामरी एक्सटेंशन में हंसराज डेयरी के पास रविवार रात करीब 10 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 120 वर्ग फुट क्षेत्र की छत अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय घर के अंदर 32 वर्षीय टिंकू और उनकी 30 वर्षीय पत्नी उर्मिला मौजूद थे। छत गिरते ही दोनों मलबे के नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों की मदद से चला राहत अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों की सहायता से मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया और तत्काल जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। हादसे के दौरान घर में मौजूद दंपती का 9 वर्षीय बेटा सुरक्षित बच गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ी जान बच सकी।
किराए के मकान में रहता था परिवार, जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, टिंकू और उर्मिला उत्तर प्रदेश के मूल निवासी थे और दिल्ली में किराए के मकान में रहकर आजीविका चला रहे थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छत पुरानी और जर्जर होने के कारण गिरी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी वजह थी। संबंधित विभाग भी मकान की स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।
हादसे ने उठाए पुराने मकानों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने राजधानी में पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पल में माता-पिता को खो देने वाले 9 वर्षीय बच्चे का भविष्य अब सबसे बड़ी चिंता बन गया है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पुराने भवनों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद छत गिरने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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