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‘5 साल बाद CJP भी हो सकती है अप्रासंगिक’, अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, लोकतंत्र पर रखी अपनी बात

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र, छात्र आंदोलनों और अपनी राजनीतिक सोच को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी आने वाले पांच वर्षों में अप्रासंगिक भी हो सकती है, लेकिन यदि उसके बाद कोई नया जनआंदोलन खड़ा होता है तो वह लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत होगा। साथ ही उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

छात्र आंदोलन को लेकर लगाए गंभीर आरोप

अभिजीत दीपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया और पेलेट गन भी चलाई गई। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद चिंताजनक बताया। हालांकि, इन दावों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दीपके ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

‘मेरी राजनीति व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित नहीं’

दीपके ने कहा कि उनका राजनीति में आने का उद्देश्य कभी व्यक्तिगत पद या सत्ता हासिल करना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा होती तो वह विदेश में अपना करियर छोड़कर भारत नहीं लौटते। उनके अनुसार, उनका शुरुआती सपना अपने गांव का सरपंच बनने का था। उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में जिस भारत को उन्होंने देखा था, आज का सामाजिक और राजनीतिक माहौल उससे काफी अलग दिखाई देता है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं और एजेंसियों पर उठाए सवाल

अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की नीतियों और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई के लिए किया जा रहा है। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कुछ राजनीतिक दलों में हुए विभाजन के पीछे भी ऐसी संस्थाओं की भूमिका रही। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित एजेंसियों या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस संदर्भ में सामने नहीं आई है।

‘लोकतंत्र किसी एक दल या व्यक्ति पर निर्भर नहीं रह सकता’

अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी खुद को एक राजनीतिक दबाव समूह (Pressure Group) के रूप में विकसित करना चाहती है, जो विभिन्न जनहित के मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से काम करे। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले वर्षों में CJP की जगह कोई नया युवा संगठन जनआंदोलन का नेतृत्व करता है तो यह लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत होगा। उनके अनुसार, लोकतंत्र तभी मजबूत रहता है जब समाज में अनेक सक्रिय संगठन और वैचारिक समूह मौजूद हों। उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल पर लोकतंत्र की पूरी उम्मीद टिकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।

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