कायलाना झील में दर्दनाक हादसा: दोस्त ने कहा- तैरना सिखा दूंगा, गहरे पानी में उतरे और दो की मौत
बारिश के मौसम में घूमने पहुंचे थे तीन दोस्त, हादसे ने छीनी दो जिंदगियां
जोधपुर की प्रसिद्ध कायलाना झील में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। बारिश के सुहाने मौसम में घूमने पहुंचे तीन दोस्तों में से दो की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दो अन्य पानी में समा गए। सूचना मिलने पर राजीव गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
तैरना सिखाने की बात कहकर दोस्त को ले गया गहरे पानी में
पुलिस के अनुसार तीनों युवक पड़ोसी थे और कायलाना झील घूमने आए थे। हादसे में बचे युवक महेंद्र ने बताया कि उसने अपने दोस्तों सुनील मेघवाल और प्रिंस मेघवाल को पानी में उतरने से मना किया था, क्योंकि झील काफी गहरी थी। लेकिन प्रिंस ने सुनील को भरोसा दिलाया कि वह उसे तैरना सिखा देगा। इसके बाद तीनों धीरे-धीरे पानी में उतर गए और कुछ देर बाद गहरे हिस्से की तरफ चले गए।
वापस लौटते समय बिगड़ा संतुलन, दो दोस्त डूबे
महेंद्र के अनुसार, जब तीनों युवक वापस किनारे की तरफ आने लगे तो अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। किनारे पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए उसे बाहर निकाल लिया। लेकिन जब उसने पीछे मुड़कर देखा तो सुनील और प्रिंस दिखाई नहीं दिए। दोनों गहरे पानी में डूब चुके थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान शुरू किया।
एक शव बरामद, दूसरे की तलाश में जुटी SDRF टीम
राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय सुनील मेघवाल का शव गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया। वहीं 17 वर्षीय प्रिंस मेघवाल की तलाश अभी जारी है। आशंका जताई जा रही है कि उसका शव पानी के अंदर झाड़ियों या दलदल में फंसा हो सकता है। SDRF की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
चेतावनी के बावजूद झील में उतर रहे लोग, बढ़ रहे हादसे
कायलाना झील में हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कई जगह चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, जिनमें गहरे पानी में जाने से मना किया गया है। इसके बावजूद लोग अक्सर उत्साह में अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में उतर जाते हैं। बारिश के मौसम में झीलों और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर के कारण खतरा और अधिक बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन करें और गहरे पानी में जाने से बचें।
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