राजस्थान में बनेगा देश का दूसरा जापानी जोन, घीलोठ बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब..
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के घीलोठ क्षेत्र में देश का दूसरा जापानी जोन विकसित किया जा रहा है। Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation द्वारा तैयार किए जा रहे इस बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट से क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
964 बीघा जमीन पर विकसित होगा जापानी जोन
रीको द्वारा करीब 156 हेक्टेयर यानी लगभग 964 बीघा जमीन पर यह विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इस जोन में कुल 36 औद्योगिक भूखंड प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से दो भूखंड जापानी कंपनियों को आवंटित भी किए जा चुके हैं।
यहां ऑटोमोबाइल, ऑटो कॉम्पोनेंट, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सपोर्ट इंडस्ट्री से जुड़ी इकाइयां स्थापित होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
युवाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगा व्यापार
नए औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से आसपास के कस्बों और गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा। इसके साथ ही होटल, ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट और सेवा क्षेत्र को भी सीधा फायदा मिलने की संभावना है।
नीमराणा के बाद घीलोठ बना नई पसंद
पहला जापानी जोन Neemrana में संचालित है, जहां 48 से अधिक जापानी कंपनियां निवेश कर चुकी हैं। वहां जमीन की कमी को देखते हुए अब घीलोठ को नए जापानी जोन के लिए चुना गया है।
रणनीतिक लोकेशन बना बड़ी ताकत
घीलोठ की लोकेशन उद्योगों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। यह क्षेत्र दिल्ली-जयपुर हाईवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और ट्रांस-हरियाणा एक्सप्रेसवे के नजदीक स्थित है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योगों को ट्रांसपोर्टेशन में आसानी मिलेगी।
Krishna Gopal Kaushik ने बताया कि “राइजिंग राजस्थान” के दौरान यहां करीब 11 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हुए थे, जिनमें से लगभग 45 प्रतिशत प्रोजेक्ट धरातल पर आ चुके हैं।
राजस्थान का नया इंडस्ट्रियल पावर हाउस बनेगा घीलोठ
उद्योग विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में घीलोठ राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकता है और यहां विदेशी निवेश लगातार बढ़ेगा।