लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की बढ़ीं मुश्किलें, छात्राओं से चैट और पेपर लीक एंगल की जांच तेज
University of Lucknow के असिस्टेंट प्रोफेसर Parmeet Singh से जुड़े मामले में पुलिस जांच लगातार गहराती जा रही है। छात्रा के साथ कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने और गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी की पूरी डिजिटल गतिविधियों की जांच में जुटी है।
व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी प्रोफेसर छात्राओं से व्हाट्सएप चैट, फोन कॉल और एक्स्ट्रा क्लास के बहाने संपर्क बढ़ाता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह पेपर लीक कराने या परीक्षा में मदद का लालच देकर छात्राओं से नजदीकियां बनाने की कोशिश करता था।
जांच एजेंसियों ने आरोपी का मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सोशल मीडिया अकाउंट और चैट हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है।
कई छात्राओं से संपर्क के मिले संकेत
पुलिस को जांच के दौरान कई अन्य छात्राओं से संपर्क के सुराग मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने इसी तरह और छात्राओं को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की थी।
सूत्रों के अनुसार पुलिस संभावित पीड़ित छात्राओं से भी संपर्क कर सकती है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
वायरल ऑडियो के बाद हुई गिरफ्तारी
मामला तब चर्चा में आया जब प्रोफेसर और छात्रा के बीच कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
डिजिटल सबूत जुटाने पर फोकस
फिलहाल जांच एजेंसियों का पूरा फोकस डिजिटल एविडेंस इकट्ठा करने पर है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग तो नहीं किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।