थाईलैंड में सुरक्षा चौकी पर घातक हमला, गोलीबारी और पाइप बम विस्फोट में 5 सैनिकों की मौत
थाईलैंड के दक्षिणी नाराथीवाट प्रांत में एक सुरक्षा चौकी पर हुए बड़े हमले में पांच सैनिकों की जान चली गई। सशस्त्र हमलावरों ने पहले अंधाधुंध गोलीबारी की और फिर पाइप बम से हमला किया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और हमलावरों की तलाश जारी है।
सुरक्षा चौकी को बनाया गया निशाना
रॉयल थाई आर्मी के इंटरनल सिक्योरिटी ऑपरेशंस कमांड (ISOC) के अनुसार, हमला 22 जुलाई की शाम नाराथीवाट प्रांत के रा-न्गाए जिले में स्थित बुकेह सामी सुरक्षा चौकी पर हुआ। उस समय 45वीं रेंजर फोर्सेज रेजिमेंट के जवान नियमित सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। हमलावरों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी और इसके बाद पाइप बम फेंके, जिससे मौके पर ही पांच सैनिकों की मौत हो गई।
हमलावरों की तलाश में बड़े स्तर पर अभियान
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। बाद में नाराथीवाट के सी साखोन जिले से एक जला हुआ वाहन बरामद हुआ, जिसके बारे में आशंका है कि हमलावरों ने वारदात के दौरान उसी का इस्तेमाल किया था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वाहन को सबूत मिटाने के उद्देश्य से आग के हवाले किया गया था।
फोरेंसिक जांच के जरिए जुटाए जा रहे साक्ष्य
घटनास्थल और बरामद वाहन की फोरेंसिक टीम ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
ISOC ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
इंटरनल सिक्योरिटी ऑपरेशंस कमांड (ISOC) ने हमले में मारे गए सैनिकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। कमांड ने उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
हमले के बाद दक्षिणी थाईलैंड के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके और क्षेत्र में लोगों का विश्वास तथा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।