राजगढ़ में मंदिर भूमि विवाद गरमाया: भूमाफियाओं पर आरोप, सड़कों पर उतरे लोग
अलवर के राजगढ़ क्षेत्र में मंदिर भूमि को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग की जा रही है, जिसके विरोध में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
मंदिर भूमि पर कब्जे के आरोप से बढ़ा विवाद
Rajgarh के ख्वास जी के बाग स्थित रामरघुनाथ महाराज मंदिर की जमीन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ भूमाफिया मंदिर की पुरानी भूमि को अवैध रूप से खुर्द-बुर्द कर प्लॉटिंग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोग इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं।
सैकड़ों लोगों की रैली, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
पूर्व पार्षद Dharmchand Saini के नेतृत्व में ‘श्री रामरघुनाथ महाराज संघर्ष समिति’ के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी उपखंड कार्यालय पहुंचे और एसडीएम Seema Meena को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
न्यायालय में मामला, फिर भी कार्रवाई पर सवाल
संघर्ष समिति से जुड़े लोगों—धर्मचंद सैनी, भगवान सहाय सैनी और दुर्गा देवी—ने आरोप लगाया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद जमीन पर गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक भूमि की पैमाइश, पत्थरगढ़ी या किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोका जाए।
धार्मिक उपयोग के लिए जमीन सुरक्षित रखने की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबंधित भूमि मंदिर की संपत्ति है और इसका उपयोग केवल धार्मिक कार्यों के लिए ही होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई करते हुए जमीन को मंदिर के नाम सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों को हटाने की मांग की।
ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।