डूंगरपुर में खाकी पर दाग: युवती को परेशान करने के आरोप में दो सगे हेड कांस्टेबल निलंबित
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवती की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो सगे हेड कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी लगातार फोन कर युवती को परेशान कर रहे थे। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
युवती की शिकायत के बाद हरकत में आया पुलिस प्रशासन
पीड़ित युवती ने डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित शिकायत देकर बताया कि दो पुलिसकर्मी लगातार उसे फोन कर परेशान कर रहे थे। युवती का कहना है कि उसने कई बार दोनों को संपर्क न करने की चेतावनी दी, लेकिन इसके बावजूद कॉल और संपर्क करने की कोशिशें जारी रहीं। शिकायत मिलने के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई और प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी।
दोनों आरोपी सगे भाई, अलग-अलग जगह थे तैनात
जांच में सामने आया कि आरोपी दोनों पुलिसकर्मी आपस में सगे भाई हैं। इनमें जितेंद्र सिंह चीतरी थाने में तैनात था, जबकि वीपेंद्र सिंह रिजर्व पुलिस लाइन में कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, वीपेंद्र सिंह का हाल ही में हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति हुई थी। शिकायत के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय पुलिस लाइन निर्धारित किया गया है। विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
एसपी ने दिए विभागीय जांच के आदेश
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग द्वारा अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों से उच्च आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और उसके निष्कर्षों के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।