बैठते या उठते समय टेलबोन में होता है तेज दर्द? जानिए राहत पाने के 6 आसान उपाय
अगर बैठते समय या कुर्सी से उठते वक्त रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में तेज दर्द महसूस होता है, तो इसे सामान्य कमर दर्द समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। मेडिकल भाषा में इस समस्या को कॉक्सीडायनिया या टेलबोन पेन कहा जाता है। सही देखभाल और कुछ आसान उपायों से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या है टेलबोन और क्यों होता है दर्द?
रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में मौजूद छोटी त्रिकोणीय हड्डी को टेलबोन या कॉक्सिक्स कहा जाता है। लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठने, सख्त सतह पर लगातार दबाव पड़ने या चोट लगने से इस हिस्से के आसपास सूजन और जलन पैदा हो सकती है। इसके कारण बैठते समय, खड़े होते समय या पीछे की ओर झुकने पर तेज दर्द महसूस होता है। कई बार यह समस्या कुछ सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है।
किन कारणों से बढ़ सकता है टेलबोन पेन?
टेलबोन दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना और गलत पोस्चर अपनाना इसकी सबसे आम वजहों में शामिल हैं। इसके अलावा अचानक गिरने या चोट लगने से भी यह समस्या पैदा हो सकती है। महिलाओं में प्रसव के दौरान पेल्विक हिस्से पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी टेलबोन दर्द का कारण बन सकता है। बहुत अधिक वजन या अत्यधिक कम वजन वाले लोगों में भी इस हिस्से पर असामान्य दबाव पड़ने के कारण दर्द की शिकायत देखी जाती है।
सीधे बैठना और सही सपोर्ट देना है जरूरी
अगर टेलबोन में दर्द रहता है, तो बैठते समय शरीर की मुद्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। झुककर बैठने की बजाय पीठ को सीधा रखें ताकि दबाव बराबर बंट सके। इसके साथ ही विशेष कुशन या डोनट-शेप तकिए का इस्तेमाल करने से दर्द वाले हिस्से पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना भी बेहद जरूरी है। हर कुछ देर में उठकर थोड़ा टहलने से आराम मिल सकता है।
बर्फ की सिकाई और सही सोने की स्थिति से मिल सकता है आराम
दर्द और सूजन कम करने के लिए प्रभावित हिस्से पर बर्फ की सिकाई करना फायदेमंद माना जाता है। बर्फ या फ्रोजन पैक को तौलिये में लपेटकर 20 से 30 मिनट तक लगाने से सूजन कम हो सकती है। इसके अलावा पीठ के बल सोने की बजाय करवट लेकर सोना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे टेलबोन पर दबाव कम पड़ता है। यदि दर्द अधिक बढ़ जाए या लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर की सलाह लेकर उचित दवा या उपचार करवाना जरूरी है।
इन 6 उपायों से मिल सकती है राहत
- बैठते समय हमेशा सीधा पोस्चर रखें।
- विशेष कुशन या डोनट पिलो का इस्तेमाल करें।
- करवट लेकर सोने की आदत अपनाएं।
- 20-30 मिनट तक बर्फ की सिकाई करें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें।
- लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।