दिल्ली नवविवाहिता मौत मामला: ‘How to die easily?’ गूगल सर्च से जांच में नया मोड़, आकृति सुतार केस उलझा
दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित NDMC आवासीय परिसर में नवविवाहिता आकृति सुतार की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या और घरेलू हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस जांच में सामने आए डिजिटल सबूत आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। मृतका के मोबाइल से मिले गूगल सर्च और सीसीटीवी फुटेज ने केस को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
डिजिटल सबूतों से खुला नया एंगल: मौत से पहले किए थे सर्च
पुलिस जांच में आकृति सुतार के मोबाइल से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 4 जुलाई को घटना वाले दिन दोपहर 2:22 बजे उसने गूगल पर सर्च किया था कि “क्या दूसरी मंजिल से गिरने पर मौत हो सकती है?” इससे पहले मई महीने में भी उसने “How to die easily” जैसे शब्द सर्च किए थे। पुलिस इन सर्च हिस्ट्री को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर आत्महत्या की संभावना की दिशा में भी जांच कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज में अकेली दिखी, ऑफिस से लौटने के बाद हुई घटना
सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले आकृति को अकेले एनडीएमसी आवासीय परिसर में प्रवेश करते हुए देखा गया है। पुलिस के मुताबिक, वह उस दिन अपने छतरपुर स्थित ऑफिस गई थी और वहां सहकर्मियों के साथ अपनी शादी की छोटी सी पार्टी भी की थी। पार्टी के बाद वह सामान्य अवस्था में घर के लिए निकली थी। कुछ घंटों बाद ही उसके गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद उसे एम्स अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शादी के बाद तनाव और घरेलू विवाद के आरोप
परिजनों का आरोप है कि आकृति की शादी 24 अप्रैल को अरस्तू सिक्का से हुई थी और शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। आरोप है कि पति उस पर मायके से दहेज न लाने को लेकर ताने देता था और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाता था। लगातार तनाव के चलते वह कुछ दिनों तक ऑफिस भी नहीं गई थी, लेकिन बाद में फिर से काम शुरू किया।
पुलिस जांच जारी, हर एंगल से जांच कर रही टीम
4 जुलाई की शाम हुई इस घटना में आकृति NDMC फ्लैट्स की इमारत से नीचे गिर गई थी। पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। डिजिटल सबूत, सीसीटीवी फुटेज और पारिवारिक आरोप—तीनों एंगल से जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।