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भीलवाड़ा में शादी के चार महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज प्रताड़ना के आरोप पर बवाल

राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में शादी के महज चार महीने बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर क्षेत्र निवासी अंजना पारीक की सोमवार तड़के तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें महात्मा गांधी चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे, जहां परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने घटनास्थल और अन्य तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।

परिजनों ने लगाए दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप

मृतका के पिता की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही बेटी पर कार और ₹10 लाख की दहेज मांग को लेकर दबाव बनाया जाने लगा था। शिकायत के अनुसार मांग पूरी नहीं होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसी प्रताड़ना के चलते उनकी बेटी की हत्या की गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप जांच के दायरे में हैं और उनकी सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

गिरफ्तारी की मांग पर मोर्चरी के बाहर धरना

घटना के बाद मृतका के परिजन और समाज के लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कई दौर की समझाइश की, लेकिन देर रात तक सहमति नहीं बन सकी। अस्पताल परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और पुलिस बल तैनात रखा गया।

महासभा ने की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

घटना के बाद अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासभा की कोर कमेटी ने आपात बैठक आयोजित कर मामले पर चिंता जताई। संगठन ने मृतका के जेठ को अपने प्रदेश महामंत्री पद से तत्काल प्रभाव से हटाने की घोषणा की। साथ ही प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई। यह संगठनात्मक निर्णय संगठन का आंतरिक फैसला है और इसका पुलिस जांच से सीधा संबंध नहीं है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर डीएसपी को सौंपी जांच

पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर पति सहित ससुराल पक्ष के कई सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) को सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

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