नागौर में MD तस्करी का आरोपी गिरफ्तार, पत्नी के लिए खरीदे गहने; 1000 KM दूर मामा के घर छिपा था
खबर का सारांश
नागौर में MD तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई नागौर और आसपास के इलाकों में MD सप्लाई का प्रमुख आरोपी है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कई शहरों से होता हुआ दमन पहुंचा था। यहां वह अपने मामा के किराए के कमरे में छिपकर रह रहा था। एएनटीएफ ने निगरानी के बाद दबिश देकर उसे पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने नशे के अवैध कारोबार से मकान, वाहन और पत्नी के लिए सोने-चांदी के आभूषण खरीदे थे।
मुंबई में नौकरी के दौरान नशे के कारोबार से जुड़ा
पुलिस के अनुसार रामनिवास ने 2011 में गांव से 12वीं पास की थी। इसके बाद वह मुंबई चला गया और एक कोरियर कंपनी में नौकरी करने लगा। वहां हाईप्रोफाइल सोसायटी में रहने वाले नशा करने वाले लोगों के संपर्क में आने के बाद उसे MD के सेवन और कारोबार के बारे में जानकारी मिली। पुलिस का दावा है कि धीरे-धीरे वह खुद भी MD का सेवन करने लगा। बाद में उसकी पहचान मुंबई में MD बेचने वाले तस्करों से हुई। शुरुआत में वह करीब 100 ग्राम MD खरीदकर बेचता था। इसके बाद उसने नागौर और आसपास के इलाकों में सप्लाई शुरू कर दी।
मांग बढ़ी तो बढ़ाया MD का कारोबार
पुलिस के मुताबिक मांग बढ़ने के बाद रामनिवास एक बार में 500 से 700 ग्राम तक MD सप्लाई करने लगा। मुंबई के तस्करों से उसके संपर्क बढ़ते गए। इसके बाद वह नागौर और आसपास के क्षेत्रों में MD का बड़ा सप्लायर बन गया। पुलिस के अनुसार वह ट्रेन और बस के जरिए मुंबई जाकर MD लाता था। महीने में करीब दो बार मुंबई जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब उसके नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
अवैध कमाई से मकान और वाहन खरीदने का आरोप
पुलिस के अनुसार रामनिवास MD की अवैध कमाई से संपत्ति और अन्य सामान खरीदता था। उसके खिलाफ जांच में बड़ा मकान बनवाने, वाहन खरीदने और पुराना कर्ज चुकाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का दावा है कि उसने पत्नी के लिए सोने-चांदी के आभूषण भी खरीदे। नागौर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई की थी। इसके अलावा कथित मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी उसकी दो कारों को भी सीज किया गया था।
साथी की गिरफ्तारी के बाद सामने आया नाम
पुलिस के अनुसार रतनगढ़ पुलिस ने MD की सप्लाई करने जा रहे नरसीराम सहित चार लोगों को पकड़ा था। पूछताछ में नरसीराम को रामनिवास का स्थायी ग्राहक बताया गया। उसके बयान के आधार पर रामनिवास का नाम सामने आया। इसके बाद वह संबंधित एनडीपीएस मामले में वांछित हो गया। गिरफ्तारी से बचने के कारण वह फरार हो गया। बाद में चूरू पुलिस ने 24 फरवरी को उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
जायल में 5.400 किलो MD बरामद, आरोपी फरार
पुलिस के अनुसार 27 अगस्त को जायल क्षेत्र में MD की गाड़ी को एस्कोर्ट करते समय रामनिवास पुलिस की नाकाबंदी देखकर फरार हो गया था। कार्रवाई के दौरान उसके साथी तस्कर का नाबालिग भतीजा पकड़ा गया। उसकी कार से 5.400 किलोग्राम MD बरामद होने का दावा पुलिस ने किया। इस संबंध में जायल थाने में मामला दर्ज किया गया। इस केस में भी रामनिवास वांछित आरोपी है। इसके बाद वह अलग-अलग ठिकानों पर छिपता रहा।
मनाली और अंबाला होते हुए पहुंचा दमन
पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान रामनिवास अपने साथियों के साथ मनाली गया। इसके बाद वह अंबाला और जयपुर होते हुए दमन पहुंचा। बताया गया कि वह 3 सितंबर को दमन पहुंचा था। वहां उसने अपने मामा के किराए के कमरे में शरण ली। एएनटीएफ ने उसके संभावित ठिकानों और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। साथियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को दमन में उसके छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने मामा के कमरे पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
फरारी के दौरान भी कारोबार जारी रखने का दावा
एएनटीएफ के अनुसार रामनिवास ने फरारी के दौरान भी कथित तौर पर MD की सप्लाई जारी रखी। पुलिस का दावा है कि वह जयपुर में रहकर अपने तस्कर साथियों के संपर्क में था। इस दौरान मनाली और दमन तक माल की सप्लाई के संबंध में भी जानकारी सामने आई है। अब एएनटीएफ आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क, सप्लायर और ग्राहकों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।