‘चीन के पैसे से समोसा, पाकिस्तान के पैसे से चाय’—लोकसभा में सुप्रिया सुले का केंद्र पर तीखा हमला
लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य का है। अपने भाषण में उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर तीखा तंज भी कसा।
छात्र आंदोलन पर उठाए गंभीर सवाल
सुप्रिया सुले ने सदन में कहा कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने देश के लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित किया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराई जाए, ताकि यदि कहीं किसी स्तर पर चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जा सके।
सरकार पर तंज, बयान बना चर्चा का विषय
अपने भाषण के दौरान सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “चीन के पैसे से समोसा, पाकिस्तान के पैसे से चाय… ये अब नहीं चलने वाला।” उनके इस बयान ने सदन में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। उन्होंने संकेत दिया कि हर विरोध या असहमति को विदेशी साजिश से जोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए और वास्तविक मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
वायरल तस्वीर का जिक्र कर युवाओं का मुद्दा उठाया
सुले ने महाराष्ट्र में एक छात्रा की उस वायरल तस्वीर का भी उल्लेख किया, जिसमें वह पुलिस बल के सामने अकेली खड़ी दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर देश के युवाओं की भावनाओं और उनकी चिंताओं का प्रतीक बन गई है। उनके अनुसार, सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
पेपर लीक पर व्यापक सुधार की जरूरत बताई
एनसीपी (शरद पवार) सांसद ने कहा कि केवल सख्त कानून बना देना पर्याप्त नहीं होगा। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, तकनीकी सुरक्षा और समयबद्ध कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक बहस से अधिक महत्वपूर्ण है और सरकार को इस दिशा में व्यापक सुधारों पर ध्यान देना चाहिए।
बिल पर जारी है संसद में चर्चा
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में लगातार चर्चा जारी है। सत्ता पक्ष इसे पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, जबकि विपक्ष कानून के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली, पुलिस कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठा रहा है। ऐसे में यह विधेयक संसद के भीतर राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है।