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सुपौल हत्याकांड: इंजीनियर की हत्या मामले में पत्नी, कथित प्रेमी और शूटर गिरफ्तार, पुलिस ने साजिश का किया दावा

सुपौल हत्याकांड: पत्नी, प्रेमी और शूटर गिरफ्तार

बिहार के सुपौल में इंजीनियर देव कुमार गुंजन की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, इस हत्याकांड की साजिश मृतक की पत्नी और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर अस्मिता कुमारी ने अपने कथित प्रेमी अजीत कुमार के साथ मिलकर रची थी। पुलिस का कहना है कि हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी देकर शूटर को लगाया गया था। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है।

शादी के कुछ वर्षों बाद हत्या की साजिश का पुलिस का दावा

सुपौल पुलिस के अनुसार, देव कुमार गुंजन और अस्मिता कुमारी का विवाह वर्ष 2018 में हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि शादी के बाद दोनों के वैवाहिक संबंध सामान्य नहीं रहे। इसी बीच अस्मिता का अपने पुराने परिचित अजीत कुमार के साथ संपर्क लगातार बढ़ता गया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर देव कुमार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है, ताकि मामले की हर कड़ी को स्पष्ट किया जा सके।

चलती ट्रेन में गोली मारकर हत्या, लूट की घटना दिखाने की कोशिश

पुलिस जांच के मुताबिक 11 जून को देव कुमार गुंजन जनसाधारण एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान कथित शूटर राजू कुमार ने उन्हें गोली मार दी। जांच एजेंसियों का दावा है कि हत्या को सामान्य लूटपाट के दौरान हुई वारदात का रूप देने का प्रयास किया गया, ताकि पुलिस की जांच दूसरी दिशा में चली जाए। शुरुआती परिस्थितियां भी इसी ओर इशारा करती थीं, लेकिन तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की अलग दिशा में पड़ताल शुरू की, जिससे कथित साजिश का खुलासा हुआ।

चार लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि इंजीनियर की हत्या के लिए राजू कुमार नामक आरोपी को चार लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस का कहना है कि इस कथित हत्या की योजना पहले से तैयार की गई थी और वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।

तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

सुपौल पुलिस के अनुसार, मामले के खुलासे में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने इन सबूतों का विश्लेषण करने के बाद पूछताछ की और फिर कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ते हुए अस्मिता कुमारी, अजीत कुमार और राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और बरामद डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके।

एक साथ शुरू हुआ करियर, फिर बदल गए रिश्तों के समीकरण

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2017 में देव कुमार गुंजन, अस्मिता कुमारी और अजीत कुमार ने बिजली विभाग में लगभग एक ही समय अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में देव कुमार और अस्मिता का विवाह हुआ, लेकिन पुलिस का दावा है कि शादी के बाद अस्मिता और अजीत के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही संबंध आगे चलकर कथित हत्या की साजिश की वजह बना। हालांकि, मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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