राजस्थान में बड़ी साजिश का खुलासा? भारत-पाक सीमा के पास RDX और हथियार बरामद, दो युवक गिरफ्तार
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हथियार और विस्फोटक मिलने का मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए गए थे। इनमें दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस और लगभग 7.5 किलो RDX होने की बात सामने आई है। मामले में पंजाब निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), BSF, CID और पुलिस सहित सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
रावला क्षेत्र में खेत से मिले हथियार और विस्फोटक
यह मामला श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 12 केएनडी पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित एक खेत में संदिग्ध पैकेट मिले। यह स्थान खानुवाली पोस्ट से करीब एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा हैसूचना मिलने के बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, सीमा सुरक्षा बल, सीआईडी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। मौके पर मिले तीन पैकेट की जांच की गई। इनमें हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री होने की जानकारी सामने आई।बरामदगी में दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस शामिल बताए गए हैं। तीसरे पैकेट में लगभग 7.5 किलो RDX होने की पुष्टि की जानकारी दी गई है। विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया।
पंजाब के दो युवक गिरफ्तार
इस मामले में पंजाब निवासी 19 वर्षीय लखविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य फोकस हथियारों की आपूर्ति, आरोपियों के संपर्क और संभावित नेटवर्क का पता लगाना है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों युवक मजदूरी करने के बहाने इलाके में आए थे। आरोप है कि वे पिछले तीन दिनों से क्षेत्र की रेकी कर रहे थे। हालांकि, उनकी भूमिका और कथित नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि पैकेट कहां से भेजे गए थे और उन्हें लेने की जिम्मेदारी किसे दी गई थी।
रात में ड्रोन से पैकेट गिराए जाने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध सामग्री रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच गिराई गई हो सकती है। ANTF को इसकी सूचना अलसुबह करीब 3 बजे मिली। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर तलाशी और जांच शुरू की।मौके से मिले हथियारों पर ‘मेड इन टर्की’ लिखा होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, हथियारों की आपूर्ति से जुड़ी पूरी कड़ी का पता लगाना जांच का हिस्सा है।अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पहुंचाए जाने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर विषय है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस खेप का अंतिम इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जाना था।
RDX निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता बुलाया
मिली जानकारी के अनुसार, तीसरे पैकेट में करीब साढ़े सात किलो RDX था। घटनास्थल पर बैटरी और रिमोट जैसी दो डिवाइस मिलने की बात भी सामने आई है। इन उपकरणों की वास्तविक प्रकृति और उपयोग की पुष्टि जांच के बाद होगी।विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। ऐसे मामलों में विस्फोटक सामग्री को छूना या उसके साथ छेड़छाड़ करना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए कार्रवाई प्रशिक्षित विशेषज्ञों की निगरानी में की जाती है।सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जुटाकर बरामद सामग्री की प्रकृति और संभावित उपयोग की जांच कर रही हैं।
गिरफ्तार युवक का नाम पंजाब ग्रेनेड हमले की जांच में भी आया
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवक सुखविंदर सिंह का नाम पंजाब के बटाला में पुलिस चौकी पर हुए कथित ग्रेनेड हमले के मामले में भी सामने आया था। बताया गया है कि उस मामले में उसकी तलाश की जा रही थी।हालांकि, दोनों मामलों के बीच संबंध और आरोपी की कथित भूमिका की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों के निष्कर्षों से ही होगी। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या श्रीगंगानगर में मिली खेप और पंजाब में दर्ज मामले के बीच कोई सीधा संबंध है।जांच में आरोपियों के संपर्कों, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
हनुमानगढ़ में पहले भी सामने आया था IED से जुड़ा मामला
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में कुछ महीने पहले IED से जुड़ी कथित साजिश का मामला सामने आने की जानकारी भी दी गई है। बताया गया था कि इस मामले का खुलासा अंबाला में विस्फोट के बाद पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान हुआ था।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नाम भी सामने आया था। हालांकि, उस मामले और रावला में हुई बरामदगी के बीच संबंध होने की अभी पुष्टि नहीं है।दोनों घटनाओं के संदर्भ में सुरक्षा एजेंसियों के लिए हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति के रास्तों तथा संभावित संपर्कों की जांच महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क की तलाश में जुटीं
ANTF के आईजी विकास कुमार के अनुसार, बड़ी साजिश को नाकाम किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कौन है और उद्देश्य क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।फिलहाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार युवकों से पूछताछ कर रही हैं। बरामद हथियारों और विस्फोटक की फॉरेंसिक जांच तथा आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल से आगे की जानकारी मिलने की उम्मीद है।मामले में किसी व्यापक आतंकी साजिश की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकेगी। फिलहाल सीमा क्षेत्र में मिली इस खेप को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।