जयपुर में 19 अक्टूबर से ई-रिक्शा पर सख्ती, बिना QR कोड चलने पर होगी कार्रवाई
जयपुर की चारदीवारी में ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए 19 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके तहत बिना पंजीकरण और QR कोड वाले ई-रिक्शा पर कार्रवाई की जाएगी। चारदीवारी के पांच जोन में 50-50 ई-रिक्शा चलाने की सीमा तय की गई है। यानी पूरे क्षेत्र में अधिकतम 250 ई-रिक्शा संचालित हो सकेंगे। अब तक 132 ई-रिक्शा का सत्यापन पूरा होने की जानकारी दी गई है।
चारदीवारी में ई-रिक्शा की संख्या पर लगेगी सीमा
जयपुर की चारदीवारी में ट्रैफिक जाम और ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन की समस्या को देखते हुए यातायात पुलिस डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके तहत ई-रिक्शा का पंजीकरण और जोनवार संचालन सुनिश्चित किया जाएगाप्रत्येक पंजीकृत ई-रिक्शा पर निर्धारित रंग की पट्टी और QR कोड लगाया जाएगा। इसे स्कैन करने पर वाहन और चालक से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी। पुलिस का उद्देश्य निर्धारित जोन में ही ई-रिक्शा का संचालन सुनिश्चित करना है।चारदीवारी के पांच जोन में 50-50 ई-रिक्शा चलाने की सीमा निर्धारित की गई है। इस तरह पूरे क्षेत्र में अधिकतम 250 ई-रिक्शा संचालित होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल चारदीवारी क्षेत्र में करीब 7 हजार से 8 हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं।
अब तक 132 ई-रिक्शा का सत्यापन पूरा
नई व्यवस्था के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों की जांच की जा रही है। अब तक 132 ई-रिक्शा पंजीकरण के योग्य पाए गए हैं। यातायात पुलिस ने चालकों से आवश्यक दस्तावेज पूरे कर जल्द पंजीकरण कराने की अपील की है।19 अक्टूबर से बिना डिजिटल पंजीकरण और QR कोड के चारदीवारी में ई-रिक्शा चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर चालान के साथ वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।चालक जयपुर पुलिस की ई-रिक्शा पंजीकरण वेबसाइट या संबंधित ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, पंजीकरण से पहले आधिकारिक वेबसाइट का सही पता और आवेदन प्रक्रिया जांच लेना जरूरी है।
पांच जोन में तय होगा ई-रिक्शा का संचालन
यातायात पुलिस ने चारदीवारी क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन के लिए पांच जोन निर्धारित किए हैं। इन जोन में प्रमुख बाजार, चौराहे और पर्यटन स्थल शामिल हैं।
जोन 7ए: संजय सर्कल, माउंट रोड, गणगौरी बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार, पुरानी बस्ती, फूटा कोट, गढ़ गणेश, ब्रह्मपुरी चौक और चौगान चौराहा।
जोन 7बी: अजमेरी गेट, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, नेहरू बाजार और किशनपोल बाजार।
जोन 7सी: सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता और बापू बाजार।
जोन 7डी: बड़ी चौपड़, रामगंज चौपड़, सूरजपोल गेट, गलता गेट चौराहा, रामगंज बाजार और घाट बाजार।
जोन 7ई: बड़ी चौपड़, हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, चारदरवाजा, घोड़ा निकास तथा गोविंददेवजी मंदिर, जंतर-मंतर और सिटी पैलेस के आसपास का क्षेत्र।
इन क्षेत्रों में बाजारों की संकरी सड़कें और पर्यटकों की आवाजाही यातायात पर दबाव बढ़ाती हैं। ऐसे में जोनवार संचालन से ई-रिक्शा की भीड़ नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जुलाई में लागू होनी थी व्यवस्था, दस्तावेजों के कारण हुई देरी
ई-रिक्शा का जोनवार संचालन पहले जुलाई में शुरू करने की योजना थी। लेकिन फिटनेस और आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। चालकों को दस्तावेज पूरे कराने और लाइसेंस बनवाने के लिए समय दिया गया था।यातायात के एडिशनल डीसीपी नॉर्थ हरिप्रसाद सोमानी के अनुसार, इस बार QR कोड से वाहन की पहचान और निर्धारित जोन की जांच की जाएगी। पुलिस अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी।उन्होंने बताया कि बिना अनुमति चारदीवारी में ई-रिक्शा चलाते पाए जाने पर वाहन जब्त करने और चालक का चालान करने की कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटकों और बाजारों को मिलेगी राहत?
हवामहल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और गोविंददेवजी मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों के कारण जयपुर की चारदीवारी में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाजारों की संकरी सड़कों पर ई-रिक्शा की अधिक संख्या से यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।नई व्यवस्था का उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन को निर्धारित दायरे में रखना और यातायात दबाव कम करना है। हालांकि, इसका वास्तविक असर पंजीकरण प्रक्रिया, नियमों के पालन और पुलिस की निगरानी पर निर्भर करेगा।19 अक्टूबर से प्रस्तावित कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि नई व्यवस्था से चारदीवारी क्षेत्र में यातायात कितना व्यवस्थित हो पाता है।