NEET विवाद पर सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर हमला, छात्रों पर कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर चोट
नीट (NEET) परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वे देश के दुश्मन हों। वहीं केंद्र सरकार ने पेपर लीक पर सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा दोहराया है।
सोनिया गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
सोनिया गांधी ने एक लेख के माध्यम से केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उनके अनुसार, अपने भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की गई, जिससे युवाओं में असंतोष और अविश्वास बढ़ा है।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अपने लेख में सोनिया गांधी ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया तथा कई छात्रों को विरोध स्थल छोड़ने के बाद भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत बताते हुए कहा कि किसी भी लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं माना जा सकता।
पुराने आंदोलनों का भी किया जिक्र
सोनिया गांधी ने अपने लेख में पूर्व के आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शन और महिला पहलवानों के आंदोलन का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार पहले भी विरोध प्रदर्शनों से सख्ती से निपटती रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं को समझने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
सरकार ने गिनाए परीक्षा सुधार के कदम
नीट विवाद के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में कई कदमों की जानकारी दी है। सरकार के अनुसार, पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एंटी-चीटिंग कानून को और मजबूत करने की तैयारी है। इसके अलावा ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक बदलाव
परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में फेरबदल करते हुए नए अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।