स्कूलों में सुविधाएं कब तक मिलेंगी, इस पर नजर सरकार के निर्देश के बाद अब जिले के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। खासतौर पर खेल मैदान, शौचालय, बिजली, पेयजल और जर्
अलवर जिले के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर और सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। जिले के कई स्कूलों में खेल मैदान, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं का अभाव बताया गया है। वहीं, जर्जर भवनों को हटाने के बाद पुनर्निर्माण का काम भी लंबित है। अब सरकार ने वर्तमान स्थिति और अब तक की कार्रवाई का ब्योरा तलब किया है।

मुख्य बातें
- अलवर के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सरकार सख्त, मांगी रिपोर्ट
- 70 स्कूलों में खेल मैदान नहीं, 72 में शौचालय का अभाव
- मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सरकारी स्कूलों का मामला, अधिकारियों से जवाब तलब
ALWAR,06 NOV. 2026:
अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग
राजस्थान पत्रिका ने 21 अक्टूबर को अलवर के सरकारी स्कूलों की सुविधाओं से जुड़ी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का शीर्षक था- '70 स्कूलों में खेल मैदान नहीं, 72 में शौचालय, 71 में बिजली-पानी का अभाव'। रिपोर्ट में जिले के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता चर्चित कौशिक ने भी मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने अधिकारियों से जवाब मांगा है।
70 स्कूलों में खेल मैदान नहीं, 72 में शौचालय का अभाव
प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अलवर जिले के 70 सरकारी स्कूलों में खेल मैदान उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, 72 स्कूलों में शौचालय की सुविधा नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा 71 स्कूलों में बिजली और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं का अभाव बताया गया है। इन परिस्थितियों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बुनियादी जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूलों में खेल और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं की कमी बच्चों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है।
जर्जर भवन हटने के बाद पुनर्निर्माण का इंतजार
जिले के कुछ सरकारी स्कूलों में जर्जर भवनों को ढहाने के बाद नए भवनों का निर्माण लंबे समय से लंबित बताया गया है। इससे विद्यार्थियों और स्कूल प्रशासन के सामने जगह तथा अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। अब सरकार की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में भवनों की वर्तमान स्थिति और पुनर्निर्माण की प्रगति की जानकारी भी शामिल होने की उम्मीद है। इसके आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन स्कूलों में निर्माण कार्य लंबित है और उन्हें पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
शिक्षा निदेशक और समसा आयुक्त से तत्काल रिपोर्ट तलब
मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। संयुक्त शासन सचिव दिव्यांशु सिंह ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर और राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त, समसा, जयपुर को रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से पूरे प्रकरण के तथ्यों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही अब तक की गई कार्रवाई और स्कूलों की मौजूदा स्थिति का विवरण भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अब रिपोर्ट के बाद समाधान की कार्रवाई पर रहेगी नजर
विभागीय आदेश में इस प्रकरण को मुख्य सचिव कार्यालय से प्राप्त होने के कारण अति महत्वपूर्ण बताया गया है। अब संबंधित अधिकारियों को स्कूलों में सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना होगा। इसमें खेल मैदान, शौचालय, बिजली, पेयजल और भवन निर्माण से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन कमियों को दूर करने के लिए क्या समयबद्ध योजना बनाती है। सबसे अहम सवाल यही है कि विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं कब तक मिलेंगी।
प्रशासन का पक्ष
रिपोर्ट के बाद समाधान की कार्रवाई पर रहेगी नजर
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