सिरोही BJP में क्रॉस वोटिंग पर घमासान, 4 लोगों को WhatsApp ग्रुप से हटाया; प्रवीण राठौड़ ने दिया इस्तीफा
सिरोही। राजस्थान के सिरोही नगर परिषद सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा के बाद भाजपा में अंदरूनी विवाद सामने आया है। बुधवार रात भाजपा के सिरोही नगर मंडल के WhatsApp ग्रुप से तीन पार्षदों और एक पार्षद पति को हटा दिया गया। इसके बाद भाजपा पार्षद प्रवीण राठौड़ ने पार्टी के विभिन्न पदों और दायित्वों से इस्तीफा देने की बात कही। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, सभापति चुनाव में किन पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी ने भी कहा कि उन्हें किसी पार्षद का इस्तीफा नहीं मिला है।
सभापति चुनाव के बाद बढ़ी अंदरूनी खींचतान
सिरोही नगर परिषद के सभापति चुनाव में कांग्रेस की रितु जैन ने भाजपा की पूजा माली को हराया था। चुनाव में रितु जैन को 30 वोट मिले, जबकि पूजा माली के पक्ष में 5 वोट पड़े। नगर परिषद में कुल 35 पार्षद हैं। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर सवाल उठने लगे।मतदान गोपनीय होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किन पार्षदों ने पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान नहीं किया। इसी बीच भाजपा के नगर मंडल WhatsApp ग्रुप से चार लोगों को हटाए जाने की घटना सामने आई। इसके बाद पार्टी के भीतर मतभेदों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
तीन पार्षदों और एक पार्षद पति को ग्रुप से हटाया
बुधवार देर रात भाजपा नगर मंडल के WhatsApp ग्रुप से पार्षद गीता पुरोहित, प्रवीण राठौड़ और गौरव प्रजापत को हटा दिया गया। इनके साथ पार्षद पति और पूर्व प्रत्याशी धनपत सिंह को भी ग्रुप से रिमूव किया गया।इस कार्रवाई को सभापति चुनाव में हुई कथित क्रॉस वोटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, ग्रुप से हटाए गए लोगों में से किसकी भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठे हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।गौरव प्रजापत का नाम भी चर्चा में है। बताया गया कि सभापति चुनाव के बाद सारणेश्वर महादेव मंदिर में पार्टी के प्रति निष्ठा की शपथ लेने वाले पांच पार्षदों में उनका नाम शामिल था। लेकिन गोपनीय मतदान के कारण उनके वोट को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।
प्रवीण राठौड़ ने सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही
WhatsApp ग्रुप से हटाए जाने के बाद भाजपा पार्षद प्रवीण राठौड़ ने पार्टी पदाधिकारियों को इस्तीफा भेजने की बात कही। राठौड़ के अनुसार, उन्होंने लंबे समय तक पार्टी और संगठन के लिए निष्ठा तथा समर्पण के साथ काम किया है। उन्होंने जिला महामंत्री और अनुसूचित जाति मोर्चा सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।राठौड़ ने कहा कि नगर निकाय चुनाव के बाद बने हालात और संगठन के भीतर हुए घटनाक्रम से उन्हें ठेस पहुंची है। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में पहले की तरह विश्वास और आत्मसम्मान के साथ काम करना मुश्किल हो गया है।उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को WhatsApp के जरिए पार्टी, मोर्चों, प्रकोष्ठों, समितियों और संगठनात्मक इकाइयों में अपने सभी पदों एवं दायित्वों से इस्तीफा भेजने की बात कही।
30 वोट कांग्रेस को, भाजपा को मिले सिर्फ 5
सिरोही नगर परिषद में कुल 35 वार्ड हैं। चुनाव में कांग्रेस की रितु जैन को 30 वोट मिले, जबकि भाजपा की पूजा माली को 5 वोट मिले। इस परिणाम के बाद भाजपा के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा तेज हुई।हालांकि, केवल चुनाव परिणाम के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किस पार्षद ने किसे वोट दिया। मतदान गोपनीय था और अब तक संबंधित पार्षदों के मतदान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
जिले की दूसरी नगर निकायों में भी क्रॉस वोटिंग की चर्चा
सिरोही जिले की अन्य नगर निकायों में हुए चुनावों को लेकर भी क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं सामने आई हैं। पिंडवाड़ा में उपसभापति चुनाव के दौरान एक वोट और शिवगंज में सभापति चुनाव में एक वोट के क्रॉस होने की चर्चा है। हालांकि, इन मामलों में भी यह स्पष्ट नहीं है कि वोट निर्दलीय पार्षद का था या किसी पार्टी के पार्षद का।आबूरोड में सभापति चुनाव में भाजपा को 27 और कांग्रेस को 13 वोट मिले। वहीं, उपसभापति चुनाव में कांग्रेस को 18 और भाजपा को 22 वोट मिले। यहां भी क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा हुई, लेकिन संबंधित पार्षदों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
कांग्रेस में भी क्रॉस वोटिंग की चर्चा
सिरोही जिले में क्रॉस वोटिंग की चर्चा केवल भाजपा तक सीमित नहीं रही। पिंडवाड़ा, माउंट आबू और आबूरोड में कांग्रेस पार्षदों की ओर से भी क्रॉस वोटिंग किए जाने की बातें सामने आईं। हालांकि, इन मामलों में भी किन पार्षदों ने पार्टी लाइन से अलग मतदान किया, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी ने क्या कहा?
भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी ने कहा कि उन्हें पार्षदों को WhatsApp ग्रुप से हटाए जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि सभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर कुछ पार्षदों के खिलाफ शिकायत मिली है।भंडारी के अनुसार, शिकायतों के आधार पर संगठन की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रवीण राठौड़ का इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है।
अब संगठनात्मक कार्रवाई पर नजर
सिरोही नगर परिषद सभापति चुनाव के बाद भाजपा में सामने आए घटनाक्रम ने स्थानीय संगठन की एकजुटता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। एक ओर प्रवीण राठौड़ ने पदों से इस्तीफा भेजने की बात कही है, वहीं जिलाध्यक्ष ने इस्तीफा मिलने से इनकार किया है।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी कथित क्रॉस वोटिंग की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करती है और WhatsApp ग्रुप से हटाए गए पार्षदों को लेकर संगठन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है या नहीं।