देशभर में SIR के विरोध में प्रदर्शन, दिल्ली में निर्वाचन आयोग तक मार्च निकालेंगे प्रदर्शनकारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और ‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ मंच ने देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। शुक्रवार को दिल्ली समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की योजना है। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, SIR प्रक्रिया रद्द करने और मताधिकार बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रदर्शन की तैयारी
‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ मंच के अनुसार, देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई गई है। मंच ने दावा किया कि 300 से अधिक संगठन इससे जुड़ चुके हैं। प्रदर्शन 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आयोजित किए जाने की बात कही गई है।आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शन जिला और तहसील मुख्यालयों के साथ राज्य की राजधानियों में भी होंगे। मंच ने इसे मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक आंदोलन बताया है।
दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च
दिल्ली में ‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया है। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनकारी दोपहर एक बजे गुरुद्वारा बंगला साहिब, गोल डाकखाना और गोल मार्केट के आसपास एकत्र होंगे।इसके बाद निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने और वहां ‘जन संसद’ आयोजित करने की योजना है। मंच ने बताया कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च करेंगे।आयोजकों का कहना है कि यदि पुलिस मार्च को रोकती है, तो प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण सभा के जरिए अपनी बात रखेंगे।
SKM ने भी दिया प्रदर्शन को समर्थन
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया है। यह वही किसान संगठन है, जिसने 2020-21 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था।SKM के अनुसार, उसके घटक संगठन जिलाधिकारियों और उपमंडल मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपेंगे।ज्ञापन के जरिए SIR प्रक्रिया रद्द करने और मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने की मांग की जाएगी।
13.41 करोड़ नागरिकों का नाम हटाए जाने का दावा
प्रदर्शनकारी संगठनों ने दावा किया है कि मतदाता सूचियों से 13.41 करोड़ नागरिकों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इन नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल करने की मांग की है।हालांकि, यह आंकड़ा आयोजकों का दावा है। उपलब्ध जानकारी में इसके आधार और सभी संबंधित क्षेत्रों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। मतदाता सूची में नाम हटने के कारणों और प्रक्रिया को समझने के लिए निर्वाचन आयोग के आंकड़े और आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग
‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ और SKM ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ अभियोजन की मांग की है।मंच ने निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 में संशोधन की मांग भी उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ी चयन समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश को शामिल किया जाना चाहिए।इसके अलावा, संगठनों ने आनुपातिक प्रतिनिधित्व और चुनावों के लिए सरकारी वित्तपोषण जैसे व्यापक चुनाव सुधारों की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन स्थल को लेकर भी आपत्ति
SKM ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने महिला विद्यार्थियों और पत्रकारों समेत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित ज्यादतियों पर कार्रवाई की मांग की है।इसके साथ ही जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने संबंधी आदेश वापस लेने की मांग भी की गई है।SKM ने चेतावनी दी है कि यदि विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश जारी रहती है, तो किसान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए आगे आएंगे।
SIR को लेकर सियासी और लोकतांत्रिक बहस तेज
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और अद्यतन करना है। लेकिन इस प्रक्रिया में नाम हटाने, पात्र मतदाताओं के अधिकार और पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवाल भी अहम हैं।विरोधी संगठनों की मांगों के बीच निर्वाचन आयोग का पक्ष और संबंधित आंकड़े इस बहस में महत्वपूर्ण रहेंगे। फिलहाल, देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान से SIR को लेकर राजनीतिक और लोकतांत्रिक चर्चा और तेज होने की संभावना है।