सीकर के एसके हॉस्पिटल में बड़ा हादसा टला: वार्ड की फॉल सीलिंग और पंखा गिरा, 9 मरीज सुरक्षित
राजस्थान के सीकर स्थित शेखावाटी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्री कल्याण (एसके) हॉस्पिटल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेडिसिन फीमेल वार्ड की फॉल सीलिंग और पंखा अचानक गिर गया, लेकिन नर्सिंग स्टाफ की तत्परता और एक महिला मरीज की सतर्कता से वार्ड में भर्ती सभी नौ महिला मरीजों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रात डेढ़ बजे हुआ हादसा, टला बड़ा नुकसान
घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे मेडिसिन फीमेल वार्ड (कमरा नंबर-53) में हुई। वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज ने छत से बुरादा गिरता देखा और संभावित खतरे को भांपते हुए तुरंत अपने बेड से हट गई। कुछ ही क्षण बाद उसी स्थान पर छत का हिस्सा, फॉल सीलिंग और पंखा भरभराकर नीचे गिर गया। यदि समय रहते मरीज नहीं हटती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
नर्सिंग स्टाफ की सतर्कता से बचीं सभी मरीज
छत का हिस्सा झूलता देख ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभाला। वार्ड में भर्ती सभी नौ महिला मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल की लॉबी और अन्य वार्डों में शिफ्ट किया गया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने प्रभावित वार्ड को खाली कर ताला लगा दिया और सुरक्षा के लिहाज से वहां आम आवाजाही रोक दी।
मरम्मत में लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भवन की मरम्मत को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अस्पताल की पीएमओ डॉ. प्रियंका अमन ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति और मरम्मत की जरूरत को लेकर विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया था। उनके अनुसार, अस्पताल के रखरखाव के लिए स्वीकृत बजट का पूरा उपयोग नहीं किया गया, जिससे कई हिस्सों में मरम्मत का कार्य अधूरा रह गया।
अधूरी मरम्मत से मरीजों की सुरक्षा पर खतरा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्ष भवन की छत, फॉल सीलिंग और अन्य सिविल कार्यों के लिए समझौता किया गया था, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी मरम्मत पूरी नहीं हो सकी। कई स्थानों पर सीलन के कारण फॉल सीलिंग कमजोर हो चुकी है, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर लगातार खतरा बना हुआ है। घटना के बाद पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।