‘मंदिर बचाओ, पुजारी बचाओ’ के नारों से गूंजा सीकर, मंदिर भूमि और पुजारियों की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन
राजस्थान के सीकर में मंदिरों की भूमि पर कथित अतिक्रमण, पुजारियों पर बढ़ते हमलों और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर सोमवार को पुजारी सेवक संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। लोहागर्ल पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने, पुजारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित मामलों में दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
मंदिर भूमि की सुरक्षा और पुजारियों की रक्षा की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान पुजारी सेवक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि हाल के समय में मंदिरों की भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास और पुजारियों के साथ हिंसा की घटनाओं को लेकर समाज में चिंता बढ़ी है। संघ का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व और भूमाफिया मंदिर संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। विरोध करने वाले पुजारियों को धमकाने और उनके साथ मारपीट जैसी घटनाएं सामने आने का भी दावा किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
गनेड़ी गांव की घटना का उठाया मुद्दा
ज्ञापन में नेछवा तहसील के गनेड़ी गांव स्थित मंदिर के महंत श्रीराम प्रपन्नाचार्य पर हुए कथित हमले का मामला प्रमुखता से उठाया गया। संघ का आरोप है कि मंदिर भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास का विरोध करने पर महंत के साथ मारपीट की गई और उनके पुत्र को भी गंभीर चोट पहुंची। इस मामले में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज होने का उल्लेख करते हुए संगठन ने निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का भी उल्लेख किया गया।
आत्महत्या और मंदिर मार्ग विवाद को भी बनाया मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान रानोली क्षेत्र के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी रामोतार शर्मा की आत्महत्या के मामले का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कथित मानसिक प्रताड़ना के कारण यह घटना हुई और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा ग्राम कूमोद स्थित रघुनाथजी महाराज मंदिर की भूमि तक पहुंचने वाले रास्ते पर दोबारा हुए कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रशासन के समक्ष रखा गया। संघ का कहना है कि पूर्व में रास्ता खुलवाए जाने के बावजूद दोबारा अवरोध खड़ा कर दिया गया है।
विशेष अभियान चलाने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पुजारी सेवक संघ ने जिला प्रशासन से मांग की कि मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और पुजारियों पर हमलों से जुड़े मामलों में त्वरित जांच एवं सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।