तेज प्रताप यादव पर गंभीर आरोप: जबरन घर में घुसने, धमकी देने और गैंग के नाम पर डराने का मामला अदालत पहुंचा
बिहार की राजनीति में एक बार फिर तेज प्रताप यादव विवादों के केंद्र में आ गए हैं। पटना में दर्ज एक शिकायत में उन पर जबरन घर में प्रवेश करने, परिवार को धमकाने और एक नाबालिग बच्ची को लेकर विवाद खड़ा करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है क्योंकि शिकायतकर्ता ने अंतरराष्ट्रीय नंबर से आई धमकियों और एक कुख्यात गैंग के नाम का भी जिक्र किया है। पुलिस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है।
घर में घुसने और हंगामा करने का आरोप
शिकायतकर्ता आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि 6 जून 2026 की रात तेज प्रताप यादव अपने निजी सहायक के साथ पटना स्थित उनके आवास पर पहुंचे और जबरन अंदर आने की कोशिश की। उस समय घर में केवल महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। शिकायत के अनुसार विरोध करने पर दरवाजा तोड़ने जैसी स्थिति पैदा हो गई। बाद में शौचालय उपयोग करने का बहाना बनाकर घर में प्रवेश किया गया, लेकिन उसके बाद वहां से जाने से इनकार कर दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने की कोशिश की गई।
नाबालिग बच्ची को लेकर धमकी का दावा
आकाश यादव का आरोप है कि घटना के दौरान और बाद में फोन पर हुई बातचीत में उनकी नाबालिग भांजी को लेकर भी धमकियां दी गईं। शिकायत में कहा गया है कि परिवार द्वारा विरोध जताने पर कथित तौर पर बच्ची को अपने साथ ले जाने और परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरी घटना के संबंध में उनके पास कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों को सौंपा जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय नंबर से आई धमकियों का आरोप
मामले का सबसे संवेदनशील पहलू वह दावा है जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा है कि घटना के कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल और वॉइस मैसेज प्राप्त हुए। शिकायत के अनुसार इन संदेशों में उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने इन संदेशों को पुलिस और अदालत के समक्ष महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है। हालांकि इन दावों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं विवाद से जुड़े मामले
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि परिवार और तेज प्रताप यादव से जुड़े लोगों के बीच पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि पूर्व में भी कथित दबाव और धमकी देने की घटनाओं को लेकर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था। इस वजह से परिवार का दावा है कि वर्तमान घटनाक्रम को अलग-थलग घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि पूरे विवाद के संदर्भ में जांच की जानी चाहिए।
अदालत पहुंचा मामला, जांच पर टिकी नजर
आकाश यादव का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा। अदालत में परिवाद दायर होने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। अब पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।