400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप की तलाश राजस्थान तक पहुंची, करौली में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन
मध्यप्रदेश के शिवपुरी स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी हुई करीब 400 साल पुरानी सिंधियाकालीन तोप की तलाश अब राजस्थान के करौली जिले तक पहुंच गई है। मध्यप्रदेश और राजस्थान पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी कर रही है। मेटल डिटेक्टर की मदद से जमीन के भीतर छिपी तोप का भी पता लगाया जा रहा है।
करौली में 60 से अधिक पुलिसकर्मियों का संयुक्त अभियान
मध्यप्रदेश से चोरी हुई ऐतिहासिक तोप की बरामदगी के लिए राजस्थान के करौली जिले में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गांवड़ा मीणा क्षेत्र में मध्यप्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम लगातार संभावित स्थानों की तलाशी ले रही है। अभियान में विभिन्न थानों के 60 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी के बाद तोप को करौली क्षेत्र में कहीं छिपाया गया हो सकता है। इसी आधार पर संदिग्ध स्थानों की गहन जांच की जा रही है।
हाल में हुई खुदाई वाले स्थानों पर पुलिस की विशेष नजर
पुलिस टीम उन इलाकों की भी जांच कर रही है, जहां हाल ही में खुदाई किए जाने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि तोप को जमीन में छिपाया गया होगा तो ऐसे स्थान महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी पूछताछ कर रही है और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है। अभियान को पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मेटल डिटेक्टर की मदद से जमीन के भीतर होगी तलाश
जांच को तकनीकी आधार देने के लिए भरतपुर से मेटल डिटेक्टर विशेषज्ञों की टीम भी करौली पहुंची है। यह टीम विशेष उपकरणों की सहायता से जमीन के भीतर दबे धातु के बड़े अवशेषों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से तलाशी अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिक तोप तक पहुंचने की संभावना बढ़ सके।
नरवर किले से हथियारबंद बदमाशों ने की थी चोरी
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई की रात मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से करीब 400 वर्ष पुरानी सिंधियाकालीन तोप चोरी कर ली गई थी। आरोप है कि हथियारबंद और नकाबपोश बदमाश एक लोडिंग वाहन के साथ किले में पहुंचे और वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों को धमकाकर तोप अपने साथ ले गए। घटना के बाद पुरातत्व विभाग और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसके बाद जांच का दायरा राजस्थान तक बढ़ा।
दो राज्यों की संयुक्त जांच से बढ़ी बरामदगी की उम्मीद
मध्यप्रदेश और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान से मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस विभिन्न सुरागों के आधार पर संभावित ठिकानों की पड़ताल कर रही है। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐतिहासिक धरोहर की बरामदगी को लेकर दोनों राज्यों की एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
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