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60 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं SDM काजल मीणा, एसीबी की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करौली जिले में तैनात एसडीएम काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में उनके दो सहयोगी भी पकड़े गए हैं। मामला जमीन की डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है, जिसकी जांच फिलहाल जारी है।

जमीन की डिक्री के बदले मांगी गई रिश्वत

एसीबी को मिली शिकायत के अनुसार, करौली जिले के नादौती उपखंड में तैनात एसडीएम काजल मीणा पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से उसकी जमीन की अंतिम डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शुरुआत में यह मांग 1 लाख रुपये बताई गई, लेकिन बाद में सौदा 50 हजार रुपये पर तय हुआ। इसके अलावा 10 हजार रुपये उनके रीडर के लिए मांगे गए। शिकायतकर्ता को कथित रूप से परेशान कर भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा था, जिसके बाद उसने एसीबी से संपर्क किया।

रीडर और सहायक के जरिए लिया गया पैसा

एसीबी की जांच में सामने आया कि रिश्वत सीधे न लेकर एसडीएम ने अपने रीडर दिनेश कुमार सैनी और सीनियर असिस्टेंट प्रवीण धाकड़ के माध्यम से रकम लेने की योजना बनाई। गुरुवार को जब शिकायतकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंचा, तब 60 हजार रुपये की रकम इन कर्मचारियों के जरिए ली गई। इसी दौरान पहले से सतर्क एसीबी टीम ने मौके पर छापा मारकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी।

छापेमारी में 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद

कार्रवाई के दौरान एसीबी को मौके से एक बैग में करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी मिली, जिसे संदिग्ध माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह रकम अन्य मामलों में ली गई रिश्वत से जुड़ी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। एसीबी ने इस राशि को जब्त कर लिया है और इसकी जांच की जा रही है। इस बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

उच्च अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

यह पूरा ऑपरेशन एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर सवाई माधोपुर यूनिट द्वारा अंजाम दिया गया। कार्रवाई की निगरानी डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल डॉ. रामेश्वर सिंह ने की, जबकि टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी कर रहे थे। पूछताछ की प्रक्रिया एडीजी स्मिता श्रीवास्तव की निगरानी में चल रही है। पुलिस महानिरीक्षक एस परिमाला के निर्देशों पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिससे विभागीय स्तर पर इसकी गंभीरता स्पष्ट होती है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

एसीबी ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह के और मामले भी सामने आ सकते हैं।

कौन हैं काजल मीणा: टॉपर से आरोपी तक का सफर

काजल मीणा वर्ष 2024 बैच की राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी हैं और एसटी वर्ग में टॉपर रही थीं। उन्होंने आईआईटी मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने कहा था कि एक अधिकारी अपने अधिकारों का उपयोग कर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। टोंक में प्रशिक्षु के रूप में सेवा देने के बाद उन्हें प्रतापगढ़ और फिर करौली में जिम्मेदारी सौंपी गई। अब रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तारी ने उनके करियर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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