सऊदी अरब ने इराक में हवाई हमलों की पुष्टि, ईरान समर्थित मिलिशिया पर कार्रवाई का दावा; तेहरान ने आरोपों से किया इनकार
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अभियान तेल प्रतिष्ठानों पर हुए कथित ड्रोन हमलों के जवाब में चलाया गया। वहीं, ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उसका इन हमलों से कोई संबंध नहीं है।
सऊदी अरब का दावा- आत्मरक्षा के तहत की गई सैन्य कार्रवाई
सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि हाल के दिनों में देश के पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर ड्रोन भेजे गए थे, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने निष्क्रिय कर दिया। मंत्रालय का दावा है कि ये ड्रोन इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से भेजे गए थे। सऊदी अरब के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संबंधित ठिकानों पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया गया।
CENTCOM ने संयुक्त अभियान की दी जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि अमेरिकी और सऊदी लड़ाकू विमानों ने इराक में कई कथित हथियार भंडार और लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार, यह कार्रवाई हाल के दिनों में हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। बयान में यह भी कहा गया कि क्षेत्र में सक्रिय ईरान समर्थित समूहों को अपनी आक्रामक गतिविधियां रोकनी चाहिए, अन्यथा आगे भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
सऊदी ने कहा- तनाव नहीं चाहते, लेकिन जवाब देंगे
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि उसका उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव बढ़ाना नहीं है, लेकिन यदि उसकी सुरक्षा और महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाता है तो उचित जवाब दिया जाएगा। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और नागरिक एवं ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने के लिए सहयोग की अपील की।
ईरान ने आरोपों को बताया निराधा
दूसरी ओर, ईरान ने सऊदी अरब के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB से बातचीत में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि तेहरान का सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों से कोई संबंध नहीं है। अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में होने वाली हर घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है और ऐसे आरोप वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हैं। ईरान ने यह भी कहा कि वह क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।
पश्चिम एशिया में बढ़ सकती है कूटनीतिक हलचल
सऊदी अरब और ईरान के परस्पर विरोधी दावों के बीच पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।