अलवर में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पहुंची भाजपा, निर्दलीय पार्षद को ले जाने पर हंगामा; 3 घंटे चला घटनाक्रम
खबर का सारांश
अलवर नगर निगम में मेयर और बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज है। शुक्रवार को जयपुर के तूंगा स्थित एक रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान करीब तीन घंटे तक हंगामा हुआ। कांग्रेस ने यहां अपने पार्षद प्रत्याशियों और निर्दलीयों को ठहरा रखा था। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी अजय पूनिया, पूर्व पार्षद सतीश खंडेलवाल, धीरज जैन और निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के चाचा भगवान मीणा वहां पहुंचे। उनके साथ वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। घटनाक्रम के बाद वार्ड 22 के निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा को पुलिस तुंगा थाने लेकर गई। बाद में कुलदीप को छोड़ दिया गया।
भाजपा नेताओं के साथ वन विभाग की टीम पहुंची
तूंगा के रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान भाजपा से जुड़े लोगों के पहुंचने पर माहौल गरमा गया। जानकारी के मुताबिक, भाजपा प्रत्याशी अजय पूनिया, पूर्व पार्षद सतीश खंडेलवाल और धीरज जैन वहां पहुंचे थे। उनके साथ निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के चाचा भगवान मीणा भी थे।
इस दौरान वन विभाग के कुछ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। घटनाक्रम को लेकर करीब तीन घंटे तक रिसॉर्ट में गहमागहमी बनी रही। इसके बाद वार्ड 22 के निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा को बाहर ले जाया गया। मामले की सूचना मिलने पर जयपुर, अलवर और दौसा जिलों की पुलिस भी मौके पर पहुंची।
पुलिस कुलदीप मीणा को थाने लेकर गई
रिसॉर्ट से बाहर आने के बाद पुलिसकर्मी कुलदीप मीणा को तुंगा थाने लेकर गए। यहां कुलदीप ने तबीयत खराब होने की बात कही। उन्होंने घर जाने की इच्छा भी जताई।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हालांकि, कुलदीप मीणा ने खुद किसी तरह के राजनीतिक दबाव से इनकार किया है। ऐसे में उनके रिसॉर्ट से बाहर आने की परिस्थितियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कुलदीप बोले- परिवार में लोग बीमार हैं
कुलदीप मीणा ने कहा कि उनके परिवार में कई लोग बीमार हैं। उन्होंने बताया कि उनकी, बच्चों और चाचा की तबीयत भी खराब थी। इसी वजह से वह रिसॉर्ट से बाहर आए थे।
कुलदीप के मुताबिक, रास्ते में दौसा में उनका इलाज भी कराया गया। उन्होंने साफ कहा कि उनके बाहर आने के पीछे कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। उनका कहना है कि वह परिवार की स्थिति के कारण रिसॉर्ट से बाहर निकले थे।
कांग्रेस ने लगाया सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधा।
जूली ने आरोप लगाया कि चुनावी राजनीति में पहले पुलिस और अब वन विभाग की टीम का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कर्मचारियों को पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, कांग्रेस के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वन विभाग के रेंजर बोले- गोपनीय काम से आए थे
रिसॉर्ट पहुंचे वन विभाग के बस्सी रेंजर नमोनारायण मीणा ने बताया कि वे गोपनीय काम से वहां आए थे। उन्होंने इस काम से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।
वहीं अलवर सिटी सीओ राजेश कसाना ने शुरुआत में मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। वन विभाग की टीम के वहां पहुंचने और निर्दलीय प्रत्याशी से जुड़ी भूमिका को लेकर भी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कांग्रेस की बाड़ेबंदी में 64 प्रत्याशी और 8 निर्दलीय
अलवर नगर निगम में मेयर और बोर्ड गठन को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। कांग्रेस ने तूंगा के रिसॉर्ट में 64 पार्टी प्रत्याशियों के साथ 8 निर्दलीय प्रत्याशियों को भी ठहराया है।
बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। ऐसे में वार्ड 22 के निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के रिसॉर्ट से बाहर आने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- अपनी इच्छा से आया होगा
भाजपा के अलवर जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि अगर कोई निर्दलीय प्रत्याशी रिसॉर्ट से बाहर आया है तो वह अपनी इच्छा से ही आया होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है।
अलवर नगर निगम में मेयर और बोर्ड गठन को लेकर अब निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में दोनों प्रमुख दल अपने समर्थन वाले पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। 14 सितंबर को चुनाव परिणाम आने के बाद बोर्ड गठन की तस्वीर और स्पष्ट होगी।