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शिंदे गुट पर संजय राउत का तीखा हमला, ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ बयान से सियासत गरमाई

शिवसेना के स्थापना दिवस समारोह के बाद महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट पर बेहद तीखे और विवादित बयान दिए हैं। राउत ने शिंदे गुट को “अमित शाह का टेस्ट ट्यूब बेबी” बताते हुए राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है। उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे राज्य की सियासत में तनाव बढ़ गया है।

‘चार साल के संगठन का 60वां जन्मदिन’—राउत का तंज

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने शिंदे गुट पर व्यंग्य करते हुए कहा कि जो संगठन केवल चार साल पहले अस्तित्व में आया है, उसका 60वां स्थापना दिवस मनाना “जीव विज्ञान का चमत्कार” जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी नए गुट को पुरानी विरासत से कैसे जोड़ा जा सकता है। राउत के अनुसार यह राजनीतिक इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि असली शिवसेना की पहचान बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से जुड़ी है, जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है।

‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ टिप्पणी से बढ़ा विवाद

संजय राउत ने अपने बयान में शिंदे गुट को सीधे तौर पर “अमित शाह का टेस्ट ट्यूब बेबी” करार दिया, जिससे राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह किसी प्रयोगशाला में टेस्ट ट्यूब बेबी तैयार किया जाता है, उसी तरह यह गुट राजनीतिक रूप से तैयार किया गया है। राउत के इस बयान को विपक्ष ने बेहद आपत्तिजनक बताया है, जबकि समर्थकों ने इसे राजनीतिक व्यंग्य करार दिया है। इस टिप्पणी ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भी साधा निशाना

उद्धव गुट के सांसदों के शिंदे खेमे में शामिल होने की चर्चाओं पर राउत ने “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कोई टाइगर ऑपरेशन नहीं बल्कि “बाजार में बिकने वाले नेताओं की नीलामी” है। राउत ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने पाला बदला है, वे मजबूरी या लालच के कारण ऐसा कर रहे हैं। उनके अनुसार असली ताकत और विचारधारा आज भी उद्धव ठाकरे के साथ है।

सोशल मीडिया पोस्ट से और भड़का विवाद

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी एक इन्फोग्राफिक पोस्ट शेयर किया, जिसमें वफादारी को लेकर टिप्पणी की गई थी। पोस्ट में परोक्ष रूप से उन नेताओं पर निशाना साधा गया जो शिवसेना छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में और अधिक चर्चा शुरू हो गई और इसे पार्टी लाइन से जुड़ा संदेश माना गया।

शिंदे और ठाकरे गुट का पलटवार

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता के लिए बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से समझौता किया। उन्होंने कहा कि जनता उनके फैसले का समर्थन कर रही है। वहीं उद्धव ठाकरे ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि उन पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे शिवसेना की विरासत को “चोरों” के हाथ में नहीं जाने देंगे।

निष्कर्ष

संजय राउत के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। “टेस्ट ट्यूब बेबी” जैसे शब्दों ने राजनीतिक मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं शिंदे और ठाकरे गुट के बीच चल रही जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। फिलहाल यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि शिवसेना की असली विरासत की लड़ाई बनता जा रहा है।

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