राजगढ़ में सफाई कर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, दूसरे दिन भी काम बंद—कस्बे में लगे कचरे के ढेर
राजगढ़ (अलवर)। नगरपालिका राजगढ़ के ठेका सफाई कर्मचारियों का आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए कस्बे के प्रमुख मार्गों पर रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
सफाई कर्मी हाथों में झाड़ू लेकर गोल सर्किल से रैली की शुरुआत करते हुए सराय बाजार, मेला का चौराहा होते हुए मांदरीन स्थित सार्वजनिक विश्राम गृह पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि दुर्गेश खरारा और मुकेश कुमार ने बताया कि 20 मई को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी वंचित रखा जा रहा है। इसके अलावा पिछले एक वर्ष से ईपीएफ और ईएसआईसी की सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं तथा साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है, जो कर्मचारियों का अधिकार है।
कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि गैर वाल्मीकि सफाई कर्मचारियों को उनके मूल कार्य में लगाया जाए, ठेका प्रथा को समाप्त कर सभी सफाई कर्मियों को संविदा पर लिया जाए तथा केंद्र सरकार के नए आदेश के अनुसार अकुशल श्रमिकों को 783 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर पहले ही अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन छह दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में अब आंदोलन जारी है।
इधर, सफाई कार्य ठप होने से कस्बे के गली-मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं और नालियां भी कीचड़ से अटी पड़ी हैं, जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में करीब 130 ठेका सफाई कर्मचारी शामिल रहे।