सामोला हादसा: पोल गिरने से लाइनमैन की मौत, मुआवजे के बाद खत्म हुआ धरना
अलवर के सामोला क्षेत्र में विद्युत कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक प्राइवेट लाइनमैन की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जो मुआवजे और नौकरी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ।
विद्युत पोल गिरने से मौके पर मौत
अलवर शहर के सामोला इलाके में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब विद्युत लाइन खींचने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान पोल पर काम कर रहे एक प्राइवेट लाइनमैन के ऊपर अचानक बिजली का पोल गिर पड़ा। हादसा इतना गंभीर था कि लाइनमैन की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों में घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। इस घटना ने कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का विरोध, अस्पताल के बाहर जाम
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और बिजली विभाग व निजी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर दी और संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर डटे रहे। कुछ समय तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुआवजा और नौकरी के आश्वासन पर बनी सहमति
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन हरकत में आया और बिजली विभाग के अधिकारी व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। परिजनों ने मृतक की पत्नी को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद संबंधित कंपनी ने 12 लाख रुपये मुआवजा, पत्नी को नौकरी और पेंशन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया। यह समझौता प्रशासन की मध्यस्थता से संभव हो पाया।
पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा गया
समझौते के बाद मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जोखिम भरे कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।