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सूरत में कमरा नंबर 1005 में मिला डॉक्टर का शव, रैगिंग एंगल से मचा हड़कंप

सूरत: सूरत सिविल अस्पताल के बॉयज हॉस्टल में 30 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पांड्या की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका शव हॉस्टल की बिल्डिंग-बी स्थित कमरा नंबर 1005 में मिला था। शुरुआती जानकारी में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया, लेकिन जांच के दौरान कथित रैगिंग के आरोप सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। अस्पताल प्रशासन ने चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। वहीं, एंटी-रैगिंग टीम ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रशासन अब मौत की परिस्थितियों और रैगिंग के आरोपों, दोनों पहलुओं की जांच कर रहा है।

कमरा नंबर 1005 में मिला रेजिडेंट डॉक्टर का शव

हर्ष पांड्या सूरत सिविल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर कार्यरत थे। उनका शव अस्पताल परिसर स्थित बॉयज हॉस्टल की बिल्डिंग-बी के कमरा नंबर 1005 में मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान डॉक्टर के साथियों और हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों से पूछताछ की गई। इसी प्रक्रिया में कथित रैगिंग से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रैगिंग के आरोपों की अलग से पड़ताल शुरू कर दी।

चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर छह महीने के लिए सस्पेंड

कथित रैगिंग के आरोप सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों पर कार्रवाई की है। निलंबित डॉक्टरों में डॉ. निराली वसावा, डॉ. अनुज महेश्वरी, डॉ. दीक्षिता सेसरियन और डॉ. हिना भूत शामिल हैं। चारों को छह महीने के लिए निलंबित किया गया है। प्रशासन की यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आए आरोपों के आधार पर की गई है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल संबंधित डॉक्टरों की भूमिका और मृतक डॉक्टर के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार से जुड़े तथ्यों को जांच के दायरे में रखा गया है।

एंटी-रैगिंग टीम ने नौ छात्रों से की पूछताछ

मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात एंटी-रैगिंग टीम ने हॉस्टल पहुंचकर करीब नौ छात्रों से पूछताछ की। टीम ने छात्रों से हॉस्टल के माहौल, वरिष्ठ और जूनियर डॉक्टरों के बीच व्यवहार तथा कथित रैगिंग से जुड़े घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कुछ छात्रों ने चार सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी है। इन शिकायतों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। प्रशासन अब छात्रों के बयानों और उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कथित रैगिंग की घटनाएं हुई थीं या नहीं और उनका मृतक डॉक्टर की स्थिति से कोई संबंध था या नहीं।

स्वास्थ्य मंत्री ने जांच कमेटी गठित करने के दिए निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने नए सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट और डीन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने मृतक डॉक्टर के पिता से फोन पर बातचीत कर संवेदना जताई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। जांच कमेटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी। साथ ही कथित रैगिंग के आरोपों और अस्पताल परिसर में मौजूद परिस्थितियों की भी समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन की जांच जारी है और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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Stv News Rajasthan

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