रूस की ‘स्काईफॉल’ परमाणु मिसाइल क्यों मानी जाती है इतनी खतरनाक?
रूस की 9M730 बुरेवेस्तनिक (Skyfall) परमाणु क्रूज मिसाइल एक बार फिर चर्चा में है। रूस इसे अपनी सबसे उन्नत रणनीतिक मिसाइलों में गिनता है, जबकि पश्चिमी देशों और विशेषज्ञों के बीच इसकी वास्तविक क्षमता, परीक्षणों की सफलता और पर्यावरणीय जोखिमों को लेकर बहस जारी है।
तिन ने 2018 में दुनिया के सामने किया था खुलासा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मार्च 2018 में अपने संबोधन के दौरान बुरेवेस्तनिक मिसाइल का पहली बार उल्लेख किया था। इसे रूस के छह नए रणनीतिक हथियारों में शामिल किया गया था। पुतिन का दावा रहा है कि यह अत्याधुनिक हथियार पारंपरिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चुनौती देने में सक्षम है। रूस इसे अपनी सैन्य ताकत का अहम हिस्सा मानता है और कई मौकों पर इसकी विशेषताओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर चुका है।
लंबी दूरी और कम ऊंचाई पर उड़ान इसकी खासियत
बुरेवेस्तनिक को परमाणु क्षमता से लैस क्रूज मिसाइल माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे इसे पारंपरिक रडार सिस्टम के लिए ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है। कुछ रिपोर्टों में इसकी अधिकतम रेंज लगभग 14,000 किलोमीटर बताई गई है, जबकि रूस ने अतीत में इसकी रेंज को लगभग असीमित होने का दावा किया है। इसकी अनुमानित गति ध्वनि की गति के करीब 75 प्रतिशत यानी लगभग 900 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है।
परीक्षणों की सफलता को लेकर पश्चिमी देशों में संदेह
रूस जहां इस परियोजना को सफल बता रहा है, वहीं पश्चिमी विशेषज्ञों और थिंक टैंकों ने इसके परीक्षणों को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले वर्षों में किए गए कई परीक्षण पूरी तरह सफल नहीं रहे। हालांकि रूसी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि मिसाइल ने लंबी दूरी की उड़ान क्षमता का प्रदर्शन किया है और इसके विकास कार्यक्रम में लगातार प्रगति हो रही है।
परमाणु प्रणोदन तकनीक को लेकर उठे सवाल
अमेरिका के कुछ वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि बुरेवेस्तनिक मिसाइल विशेष प्रकार की परमाणु प्रणोदन तकनीक का उपयोग कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसा है, तो उड़ान के दौरान रेडियोधर्मी उत्सर्जन जैसे पर्यावरणीय जोखिम पैदा हो सकते हैं। हालांकि रूस ने इन दावों पर विस्तार से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यही वजह है कि इस मिसाइल को लेकर तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बहस लगातार जारी है।
वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ रहा असर
रूस की इस मिसाइल परियोजना ने अमेरिका और यूरोपीय देशों की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नई पीढ़ी के ऐसे हथियार वैश्विक हथियार प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकते हैं। यही कारण है कि बुरेवेस्तनिक को केवल रूस की सैन्य परियोजना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में भी देखा जा रहा है।