अजमेर में री-नीट पेपर घोटाला: फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले 2 इंजीनियरिंग छात्र हरियाणा से गिरफ्तार
अजमेर पुलिस ने री-नीट 2026 परीक्षा के नाम पर फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर छात्रों से ठगी करने वाले दो युवकों को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया और एआई तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी पेपर तैयार कर 10 से 30 हजार रुपये तक वसूले। पुलिस अब इनके मोबाइल और बैंक खातों की जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर रची ठगी की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी बनाकर री-नीट परीक्षा का कथित पेपर दिखाया। वीडियो और पोस्ट के जरिए छात्रों और अभिभावकों को झांसे में लिया जाता था। संपर्क करने पर वीडियो कॉल के जरिए पेपर दिखाकर भुगतान की मांग की जाती थी।
एआई से तैयार किया गया था फर्जी पेपर
आरोपी आकाश कुमार ने एआई टूल्स की मदद से कथित प्रश्नपत्र तैयार किया था। उसने वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक्स का भी इस्तेमाल कर पेपर को असली जैसा दिखाने की कोशिश की। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर लोगों को फंसाने का काम शुरू किया गया।
क्यूआर कोड के जरिए लेते थे पैसे
पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्रों से 10 हजार से 30 हजार रुपये तक की मांग करते थे। भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा जाता था और पैसा मिलते ही फर्जी प्रश्नपत्र भेज दिया जाता था। इस तरह उन्होंने कई छात्रों को निशाना बनाने की कोशिश की।
शिकायत के बाद हरियाणा से गिरफ्तारी
यह मामला तब सामने आया जब दयानंद महाविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्णा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल नंबर और डिजिटल लोकेशन ट्रेस कर हरियाणा के करनाल से दोनों आरोपियों आकाश कुमार और अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल और बैंक खातों से खुलेगा पूरा नेटवर्क
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान जल्द की जाएगी।