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RBSE को 4 साल बाद मिला नया अध्यक्ष, NEP पर बड़ा फोकस

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) में चार साल बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है। हनुमानसिंह राठौड़ ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय में विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके कार्यभार संभालने के साथ ही शिक्षा जगत में नई उम्मीदें जगी हैं। पदभार ग्रहण के दौरान स्टाफ ने उनका पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। नए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य बोर्ड की मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी रूप से लागू करना रहेगा।

भव्य स्वागत और औपचारिक पदभार ग्रहण

अजमेर स्थित RBSE मुख्यालय में नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमानसिंह राठौड़ का भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, साफा और मालाओं के साथ बोर्ड स्टाफ ने उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनके परिजन भी मौजूद रहे। औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय लिया। पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। यह नियुक्ति करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद हुई है, जिसे शिक्षा विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।

NEP लागू करने पर रहेगा मुख्य फोकस

नए अध्यक्ष हनुमानसिंह राठौड़ ने अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को शीर्ष पर रखा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और व्यवहारिक बनाने के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव, नई पुस्तकों का समावेश और शिक्षकों का प्रशिक्षण आवश्यक है। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को रटने की बजाय समझ आधारित शिक्षा देना है। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी NEP के अनुरूप तैयार किए जाएंगे, ताकि छात्रों में विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित हो सके।

शिक्षा गुणवत्ता और सिस्टम सुधार पर जोर

राठौड़ ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल परीक्षा परिणाम सुधारना नहीं, बल्कि शिक्षा की वास्तविक गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि RBSE को राष्ट्रीय स्तर के अन्य शिक्षा बोर्डों के बराबर लाने के लिए मूल्यांकन प्रणाली में सुधार जरूरी है। इसके लिए पारदर्शी प्रक्रिया, बेहतर मॉनिटरिंग और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा प्रणाली को छात्र-केंद्रित बनाना उनकी प्राथमिकता होगी, जिससे छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

डिजिटलाइजेशन और पारदर्शिता की दिशा में कदम

RBSE की कार्यप्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। नए अध्यक्ष ने संकेत दिए कि ऑनलाइन सेवाओं को विस्तार दिया जाएगा, जिससे छात्रों और अभिभावकों को प्रमाण पत्र, परिणाम और अन्य सेवाओं में सुविधा मिले। डिजिटल मॉनिटरिंग से बोर्ड की प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी होंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी नियंत्रण संभव होगा। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विवादों से दूर, टीमवर्क पर आधारित कार्यशैली

अपने संबोधन में राठौड़ ने कहा कि बोर्ड में पहले से ही अनुभवी स्टाफ मौजूद है और वे सभी के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने टीमवर्क और संवाद को अपनी कार्यशैली का आधार बताया। पूर्व में हुए विवादों से सीख लेते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार के टकराव से बचते हुए बोर्ड को आगे बढ़ाया जाएगा। उनका उद्देश्य एक स्थिर, मजबूत और परिणामोन्मुख शिक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिससे छात्रों और संस्थान दोनों को लाभ मिले।

छात्र हित और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली पर फोकस

नए अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी बनाना आवश्यक है। परिणामों में देरी न हो और शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए, यह उनकी प्राथमिकता में शामिल है। साथ ही छात्र-छात्राओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए बोर्ड स्तर पर सुधार किए जाएंगे। उनका मानना है कि शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य केवल परीक्षा नहीं बल्कि विद्यार्थियों का भविष्य संवारना होना चाहिए।

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