रामगढ़ में एडीजे कोर्ट की मंजूरी, अधिवक्ताओं में खुशी की लहर; आतिशबाजी कर जताया आभार
रामगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। विधि मंत्रालय से पत्र जारी होने के बाद अधिवक्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी
रामगढ़ क्षेत्र में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) की स्थापना को लेकर वर्षों से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। विधि मंत्रालय द्वारा पत्र जारी किए जाने के बाद न्यायालय स्थापना की प्रक्रिया को औपचारिक मंजूरी मिल गई। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय अभिभाषक संघ में उत्साह का माहौल बन गया।
अधिवक्ताओं ने मनाया जश्न, बांटी मिठाइयां
मंजूरी की जानकारी मिलते ही अभिभाषक संघ रामगढ़ के सदस्य न्यायालय परिसर में एकत्र हुए और आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लंबे इंतजार के बाद मिली इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया गया।
वर्षों से चल रहा था प्रयास, 2022-23 से तेज हुई मांग
अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष एडवोकेट मोहित जैन ने बताया कि एडीजे कोर्ट की मांग वर्ष 2022-23 से लगातार उठाई जा रही थी। कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के सामने यह मुद्दा रखा गया। पूर्व में घोषणा होने के बावजूद इसे अमल में नहीं लाया जा सका था, जिससे अधिवक्ताओं और आमजन में निराशा थी। अब नई प्रक्रिया के साथ यह कार्य आगे बढ़ा है।
स्थानीय लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
एडीजे कोर्ट की स्थापना से रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब न्यायिक कार्यों के लिए दूरस्थ शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुगम और तेज होगी। स्थानीय स्तर पर गंभीर मामलों की सुनवाई होने से न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों का जताया आभार
इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि संभव हो सकी है। अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोर्ट का संचालन शुरू होकर क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।