राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद के बाहर विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन, दान पात्र के जरिए उठाए पारदर्शिता के सवाल
अयोध्या राम मंदिर को मिले चंदे को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। संसद परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के सांसदों ने दान पात्र के साथ प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने पहले दान पात्र में पैसे डाले और फिर उसी को विरोध का माध्यम बनाया। इस बीच कुछ देर के लिए दान पात्र को लेकर खींचतान जैसी स्थिति भी देखने को मिली। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया है।
दान पात्र के साथ संसद परिसर में अनोखा विरोध
संसद परिसर के बाहर विपक्षी सांसदों ने इस बार विरोध का अलग तरीका अपनाया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेता अपने साथ एक दान पात्र लेकर पहुंचे। प्रदर्शन की शुरुआत उन्होंने उसमें प्रतीकात्मक रूप से चंदा डालकर की और इसके बाद उसी दान पात्र को हाथ में लेकर सरकार से सवाल पूछे। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए दान पात्र को लेकर हल्की खींचतान भी हुई, जिससे वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस विरोध प्रदर्शन की ओर गया। विपक्ष का कहना था कि यह विरोध किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता की मांग को लेकर है।
विपक्ष ने उठाई जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है, इसलिए मंदिर निर्माण और उससे जुड़े चंदे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उनका कहना था कि जनता द्वारा दिए गए योगदान का पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि किसी तरह की शंका की गुंजाइश न रहे। विपक्ष का आरोप है कि चंदे से जुड़े कुछ सवालों के स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं और इसी वजह से वे जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
सत्ता पक्ष ने आरोपों को बताया राजनीतिक
विपक्ष के प्रदर्शन पर सत्तारूढ़ दल का रुख पहले जैसा ही रहा। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष बिना ठोस तथ्यों के धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उनका दावा है कि इस तरह के प्रदर्शन केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हालांकि, विपक्ष इस तर्क से सहमत नहीं है और उसका कहना है कि धार्मिक और सार्वजनिक संस्थाओं से जुड़े आर्थिक मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
सोशल मीडिया से संसद तक चर्चा का विषय बना प्रदर्शन
दान पात्र के साथ किया गया यह विरोध प्रदर्शन संसद परिसर से निकलकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने इसे विपक्ष का प्रतीकात्मक विरोध बताया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना। फिलहाल राम मंदिर चंदे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।