राजस्थान पंचायत चुनाव: जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए BJP-कांग्रेस की बाड़ाबंदी, गुवाहाटी में महिला प्रत्याशियों ने सुनी करवा चौथ कथा
अलवर: राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के बीच अलवर जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। जिला परिषद सदस्यों के संभावित चुनावी समीकरणों को देखते हुए दोनों दलों ने बाड़ाबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने अपनी कुछ महिला प्रत्याशियों को असम के गुवाहाटी स्थित एक होटल में ठहराया है। वहीं, कांग्रेस ने भी संभावित विजेता प्रत्याशियों से संपर्क बढ़ाकर रणनीति पर चर्चा की है। इसी बीच गुवाहाटी में ठहरी भाजपा की महिला प्रत्याशियों ने करवा चौथ का व्रत रखा और कथा सुनकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया। दूसरी ओर, पंचायत चुनाव की ड्यूटी में लगे हजारों कर्मचारियों की पत्नियों ने भी पतियों से दूर रहकर करवा चौथ मनाया।
जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए भाजपा-कांग्रेस की तैयारी
अलवर जिला परिषद में जिला प्रमुख पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणामों के बाद अब दोनों दल बोर्ड गठन के लिए समर्थन जुटाने की रणनीति में लगे हैं।जानकारी के अनुसार, भाजपा ने बहरोड़ मार्ग स्थित एक होटल में जिला परिषद सदस्य पद के संभावित विजेता प्रत्याशियों को एकत्रित किया। यहां करीब 15 से 20 सदस्य पहुंचे। उन्हें बाड़ाबंदी के लिए तैयार रहने और पार्टी के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।जिला प्रमुख के चुनाव में सदस्यों का समर्थन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में राजनीतिक दल अपने संभावित समर्थकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा की महिला प्रत्याशी गुवाहाटी के होटल में ठहरीं
भाजपा ने अपने कुछ संभावित विजेता प्रत्याशियों को बाड़ाबंदी के तहत राजस्थान से बाहर भेजा है। जानकारी के मुताबिक, इनमें कुछ महिला प्रत्याशियों को हवाई जहाज से असम के गुवाहाटी ले जाया गया है। उन्हें वहां एक होटल में ठहराया गया है।बताया जा रहा है कि दूसरे चरण की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अन्य संभावित विजेता प्रत्याशियों को भी बाड़ाबंदी में शामिल किया जाएगा।पार्टी की रणनीति जिला प्रमुख पद के चुनाव से पहले सदस्यों को एकजुट रखने की है। हालांकि, होटल में ठहरे सभी सदस्यों की संख्या और उनकी आधिकारिक सूची की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
गुवाहाटी में महिला प्रत्याशियों ने रखा करवा चौथ का व्रत
गुवाहाटी के होटल में ठहरी भाजपा की महिला प्रत्याशियों ने गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखा। उन्होंने होटल में करवा चौथ की कथा सुनी और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला।चुनावी गतिविधियों के बीच महिला प्रत्याशियों ने त्योहार की परंपराओं का भी पालन किया। घर और परिवार से दूर होने के बावजूद उन्होंने सामूहिक रूप से करवा चौथ मनाया।इस दौरान बाड़ाबंदी में ठहरी महिलाओं के लिए त्योहार का आयोजन चर्चा का विषय रहा। चुनावी रणनीति के बीच पारंपरिक पर्व मनाने का यह दृश्य सामने आया।
कांग्रेस ने भी शुरू की प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की तैयारी
भाजपा की तरह कांग्रेस ने भी अलवर जिला परिषद चुनाव के संभावित विजेता प्रत्याशियों के साथ बैठक की। कांग्रेस नेताओं ने कोटपूतली-जयपुर हाईवे स्थित एक होटल में प्रत्याशियों के साथ रणनीति पर चर्चा की।जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को अगले दो से तीन दिनों में बाड़ाबंदी के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है।बैठक में पार्टी नेताओं ने प्रत्याशियों से संगठन के प्रति निष्ठा बनाए रखने की अपील की। उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आने और किसी भी तरह का दबाव बनने पर तुरंत पार्टी नेतृत्व को जानकारी देने को कहा गया।
कांग्रेस नेताओं ने निष्ठा बनाए रखने की अपील की
कांग्रेस नेताओं ने अपने प्रत्याशियों से कहा कि वे पार्टी के साथ बने रहें और चुनाव के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों में संगठन के निर्देशों का पालन करें।नेताओं ने कथित तौर पर यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पार्टी नेतृत्व को दी जाए।जिला प्रमुख के चुनाव से पहले दोनों दलों की सक्रियता बताती है कि बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कोशिशें महत्वपूर्ण हो गई हैं।हालांकि, अंतिम स्थिति जिला परिषद सदस्यों के आधिकारिक परिणाम और आगे होने वाली प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
पंचायत चुनाव की ड्यूटी ने करवा चौथ पर बढ़ाई कर्मचारियों की दूरी
पंचायत चुनाव के दौरान अलवर जिले में करीब 8 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। मतदान और चुनावी व्यवस्थाओं के कारण कई कर्मचारी अपने घरों से दूर रहे।इनमें बड़ी संख्या में पुरुष कर्मचारी भी शामिल बताए गए हैं। चुनाव ड्यूटी के कारण कई कर्मचारी करवा चौथ के दिन अपनी पत्नियों के साथ नहीं रह सके।ऐसे में उनकी पत्नियों ने घर पर ही व्रत रखा और पति की लंबी उम्र की कामना की। कुछ महिलाओं ने वीडियो कॉल के माध्यम से पति का चेहरा देखकर व्रत खोला।
चुनाव ड्यूटी के कारण कई दिन घर से दूर रहे कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, दूसरे चरण के पंचायत चुनाव के लिए 27 अक्टूबर को 8 हजार से अधिक कर्मचारियों को अलग-अलग पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया था।इन मतदान दलों को पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, सरपंच और पंच पदों से जुड़ी चुनावी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद भी सरपंच और पंच चुनाव की प्रक्रिया जारी रहने के कारण कर्मचारियों को घर लौटने में समय लग रहा है।चुनाव ड्यूटी के चलते कई कर्मचारियों को त्योहार के दिन भी अपने परिवार से दूर रहना पड़ा।
31 अक्टूबर को घर लौटने की उम्मीद
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंच और सरपंच चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों की वापसी 31 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।इस बार अक्टूबर में पंचायत चुनाव होने के कारण कई चुनावी कार्यक्रम त्योहारों के आसपास पड़े हैं। ऐसे में कर्मचारियों को लगातार कई दिनों तक ड्यूटी निभानी पड़ रही है।करवा चौथ पर परिवारों से दूर रहे कर्मचारियों की पत्नियों ने वीडियो कॉल के जरिए व्रत खोला। यह दृश्य चुनावी जिम्मेदारी और पारिवारिक परंपराओं के बीच संतुलन की एक झलक दिखाता है।
जिला प्रमुख चुनाव के समीकरणों पर टिकी नजर
अलवर में जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस की तैयारियां तेज हैं। भाजपा की बाड़ाबंदी और कांग्रेस की बैठकों के बीच दोनों दल अपने-अपने समर्थकों को एकजुट रखने में जुटे हैं।वहीं, चुनावी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए त्योहार परिवार से दूर बिताने का अवसर बना। महिला प्रत्याशियों ने गुवाहाटी में करवा चौथ मनाया, जबकि कई कर्मचारियों की पत्नियों ने वीडियो कॉल के जरिए व्रत खोला।अब सभी की नजर जिला परिषद के अंतिम परिणामों और जिला प्रमुख के चुनाव पर रहेगी। बोर्ड गठन की तस्वीर सदस्यों के समर्थन और आगे की निर्वाचन प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।