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Rajasthan Tourism: एक्सप्रेस-वे पर चमकेंगे रणथम्भौर-सरिस्का के होर्डिंग्स, पर्यटकों को लुभाने की खास तैयारी

राजस्थान के रणथम्भौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। अब एक्सप्रेस-वे पर दोनों टाइगर रिजर्व के बड़े होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। वन विभाग ने पहले चरण के लिए 20 लाख रुपए से अधिक का बजट जारी किया है। रणनीतिक स्थानों पर लगाए जाने वाले इन होर्डिंग्स में वन्यजीव, जैव विविधता, सफारी, मौसम और पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लोगों को रणथम्भौर और सरिस्का की ओर आकर्षित करना है।

एक्सप्रेस-वे पर दिखेगी रणथम्भौर-सरिस्का की पहचान

वन विभाग एक्सप्रेस-वे पर ऐसे स्थानों का चयन करेगा, जहां से गुजरने वाले यात्रियों को होर्डिंग्स आसानी से दिखाई दें। इन स्थानों पर रणथम्भौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व से जुड़े बड़े प्रचार बोर्ड लगाए जाएंगे।होर्डिंग्स पर दोनों टाइगर रिजर्व की तस्वीरों के साथ वन्यजीव और जैव विविधता की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सफारी से जुड़ी जरूरी जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।

पहले चरण में 20 लाख से ज्यादा का बजट

वन विभाग ने इस प्रचार अभियान के पहले चरण के लिए 20 लाख रुपए से अधिक की राशि जारी की है। इसी बजट से एक्सप्रेस-वे पर चयनित स्थानों पर प्रचार सामग्री और होर्डिंग्स लगाए जाएंगे।विभाग की योजना है कि प्रमुख मार्गों पर रणथम्भौर और सरिस्का की पहचान को लगातार पर्यटकों के सामने रखा जाए। इससे टाइगर रिजर्व के प्रचार को नए माध्यम तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पर्यटकों को सफारी के लिए किया जाएगा आकर्षित

एक्सप्रेस-वे पर बड़ी संख्या में राजस्थान और दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहन गुजरते हैं। ऐसे में वन विभाग इन मार्गों को पर्यटन प्रचार के लिए महत्वपूर्ण मान रहा है।होर्डिंग्स के जरिए लोगों को सफारी और टाइगर रिजर्व से जुड़ी जानकारी मिलेगी। इससे एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले यात्रियों को यात्रा के दौरान ही रणथम्भौर या सरिस्का घूमने की योजना बनाने का विकल्प मिल सकेगा।

रणथम्भौर की जैव विविधता भी बनेगी आकर्षण

रणथम्भौर अपने बाघों के साथ विविध वन्यजीव और प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। होर्डिंग्स में यहां की जैव विविधता को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।इसके साथ ही क्षेत्र की जलवायु और सफारी से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। विभाग का प्रयास है कि प्रचार सामग्री केवल तस्वीरों तक सीमित न रहे, बल्कि पर्यटकों को उपयोगी जानकारी भी उपलब्ध कराए।

सरिस्का को भी मिलेगा एक्सप्रेस-वे से प्रचार

अलवर स्थित सरिस्का टाइगर रिजर्व को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर लगाए जाने वाले होर्डिंग्स में सरिस्का के वन्यजीव और प्राकृतिक क्षेत्र की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।इससे अलवर के सरिस्का क्षेत्र को राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में प्रचारित करने में मदद मिल सकती है। खासकर दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों तक इसकी पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा।

पर्यटन बढ़ने से स्थानीय रोजगार को भी फायदा

वन विभाग का मानना है कि टाइगर रिजर्व का प्रचार बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।सफारी, होटल, गाइड, वाहन और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

प्रमुख मार्गों पर जल्द नजर आएंगे होर्डिंग्स

उपवन संरक्षक (पर्यटन), रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर संजीव शर्मा के अनुसार सरकार के निर्देश पर एक्सप्रेस-वे पर टाइगर रिजर्व के प्रचार के लिए होर्डिंग्स लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।उनके मुताबिक जल्द ही प्रमुख मार्गों पर ये होर्डिंग्स नजर आएंगे। विभाग अब उपयुक्त स्थानों का चयन कर आगे की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।

पर्यटन प्रचार को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

रणथम्भौर और सरिस्का का एक्सप्रेस-वे पर प्रचार राजस्थान के वन्यजीव पर्यटन को नए माध्यम तक ले जाने की कोशिश है। अब तक पर्यटन प्रचार के लिए पारंपरिक माध्यमों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल होता रहा है।एक्सप्रेस-वे पर बड़े होर्डिंग्स के जरिए सीधे यात्रियों तक पहुंच बनाने की योजना है। आने वाले समय में इस अभियान का विस्तार अन्य प्रमुख मार्गों तक भी किया जा सकता है।

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Stv News Rajasthan

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