राजस्थान पुलिस का बड़ा अभियान: पहले ही दिन 4869 वाहनों पर कार्रवाई, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
राजस्थान में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 5 जून से 30 जून 2026 तक चलेगा। अभियान के पहले ही दिन हजारों वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध मॉडिफिकेशन, काली फिल्म, फर्जी नंबर प्लेट, अनाधिकृत हूटर और प्रेशर हॉर्न जैसे नियम उल्लंघनों पर अब किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना है।
पूरे राजस्थान में एक साथ शुरू हुआ विशेष अभियान
राज्य के सभी जिलों में यातायात पुलिस ने एक साथ विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शहरों, कस्बों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर व्यापक स्तर पर निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया, लेकिन अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सीधे कार्रवाई की जा रही है। अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी है। पुलिस का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
पहले दिन 4869 वाहनों पर हुई कार्रवाई
यातायात विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अभियान के पहले दिन राज्यभर में कुल 4869 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे अधिक मामले वाहनों पर लगी काली फिल्म से जुड़े मिले। इसके अलावा फर्जी या नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, अवैध मॉडिफिकेशन, अनाधिकृत स्टिकर, अवैध हूटर और प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहन भी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए। अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या बताती है कि बड़ी संख्या में वाहन चालक अब भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अभियान के आगामी दिनों में यह कार्रवाई और तेज की जाएगी।
अवैध मॉडिफिकेशन और बदले हुए साइलेंसर पर कड़ा रुख
पुलिस और परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन की मूल संरचना में बिना अनुमति बदलाव करना कानून का उल्लंघन है। बाइक और कारों में आकर्षक दिखने के लिए किए जाने वाले कई मॉडिफिकेशन अब भारी पड़ सकते हैं। विशेष रूप से तेज आवाज करने वाले साइलेंसर, वाहन की बॉडी में बदलाव, अतिरिक्त फिटिंग और निर्माता कंपनी के मानकों से अलग परिवर्तन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में वाहन जब्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने गैरेज संचालकों को भी नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है।
हूटर, फ्लैशर और प्रेशर हॉर्न पर तत्काल कार्रवाई
सड़क पर वीआईपी संस्कृति दिखाने के लिए अवैध रूप से हूटर, फ्लैशर और लाल-नीली बत्तियों का उपयोग करने वालों को भी पुलिस निशाने पर ले रही है। जांच के दौरान ऐसे उपकरण वाहनों से मौके पर ही हटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि तेज ध्वनि वाले हॉर्न और चमकदार फ्लैशर न केवल नियमों का उल्लंघन हैं बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में चालान के साथ-साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। इस अभियान के तहत ध्वनि प्रदूषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
काली फिल्म और नंबर प्लेट जांच पर विशेष फोकस
अपराध नियंत्रण और वाहन पहचान को आसान बनाने के लिए पुलिस ने काली फिल्म और नंबर प्लेट की जांच को प्राथमिकता दी है। नियमों के विपरीत गहरे शीशे, नंबर प्लेट पर स्टिकर, अस्पष्ट अंक या फर्जी नंबर पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे वाहन कई बार अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं और पहचान में मुश्किल पैदा करते हैं। इसलिए वाहनों की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। पुलिस ने वाहन मालिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार नंबर प्लेट लगाने की सलाह दी है।
लाइसेंस निलंबन और वाहन जब्ती तक पहुंच रही कार्रवाई
इस बार अभियान केवल जुर्माने तक सीमित नहीं है। गंभीर नियम उल्लंघन के मामलों में वाहन जब्त करने और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी वाहन में बार-बार नियम उल्लंघन पाया जाता है तो उसके पंजीकरण पर भी कार्रवाई की जा सकती है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने या फर्जी नंबर का उपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन का मानना है कि कठोर कार्रवाई से सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
पूरे जून महीने तक जारी रहेगा अभियान
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा सुधार की व्यापक पहल है। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित नाकेबंदी और जांच अभियान जारी रखें। जिन क्षेत्रों में कार्रवाई की गति कम पाई गई है, वहां अतिरिक्त निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जून महीने के अंत तक यह अभियान लगातार चलेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य प्रदेश में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।