Onion Price Hike: राजस्थान में प्याज के दाम ने बढ़ाया रसोई का खर्च, सीकर में 70 रुपए किलो तक पहुंचा भाव
राजस्थान में प्याज की कीमतों में अचानक तेजी ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सीकर मंडी में प्याज के थोक भाव 35 से 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 60 से 70 रुपए प्रति किलो तक बताई जा रही है। एक तरफ बढ़ते भाव से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है, तो दूसरी तरफ घरेलू बजट पर महंगाई का असर बढ़ गया है। व्यापारियों के मुताबिक, नई फसल आने में अभी करीब दो महीने का समय लग सकता है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है।
एक सप्ताह में बढ़े प्याज के भाव
सीकर मंडी में पिछले कुछ दिनों से प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। थोक बाजार में जहां प्याज 35 से 50 रुपए किलो तक पहुंच गया है, वहीं खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को 60 से 70 रुपए प्रति किलो तक कीमत चुकानी पड़ रही है।
व्यापारियों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह में भाव में तेजी आई है। कीमत बढ़ने के साथ स्टॉकिस्टों की सक्रियता भी बढ़ी है। वहीं किसानों ने भी बेहतर भाव मिलने की उम्मीद में प्याज का कुछ स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है।
कम आवक से बढ़ा कीमतों पर दबाव
प्याज के दाम बढ़ने के पीछे मंडियों में कम आवक को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। देश की प्रमुख प्याज मंडियों से भी फिलहाल आवक पहले की तुलना में कम बताई जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में उपलब्ध स्टॉक और नई फसल के बीच अंतर बना हुआ है। ऐसे में जब तक नई फसल की आवक पर्याप्त मात्रा में शुरू नहीं होती, तब तक कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
बुवाई के समय मौसम ने भी दिया झटका
इस बार सीकर में प्याज का बुवाई क्षेत्र 10 हजार हेक्टेयर से कम रहा है। बुवाई के दौरान प्रतिकूल मौसम का असर प्याज की पौध पर भी पड़ा।
कम क्षेत्रफल और पौध प्रभावित होने के कारण आगामी फसल की उपलब्धता को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है। यही वजह है कि मौजूदा स्टॉक की मांग बढ़ने के साथ भाव में तेजी देखी जा रही है।
नई फसल आने में करीब दो महीने का इंतजार
सीकर के प्याज व्यापारियों के अनुसार नई फसल की पर्याप्त आवक शुरू होने में अभी करीब दो महीने लग सकते हैं। इसका मतलब है कि तत्काल राहत की संभावना सीमित है।
हालांकि, जयपुर की मुहाना मंडी में आने वाले समय में कर्नाटक से नए प्याज की आवक शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
अगले महीने कीमतों में राहत की उम्मीद
मुहाना मंडी जयपुर के आलू-प्याज आढ़तिया संघ के अध्यक्ष शिवशंकर शर्मा के अनुसार, पिछले 20 दिनों में प्याज के दाम करीब 40 प्रतिशत तक बढ़े हैं। जयपुर में फिलहाल थोक भाव 30 से 50 रुपए प्रति किलो के बीच बताए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, जोधपुर और कुचामन से प्याज मंगाया जा रहा है। कम आवक और निर्यात के चलते कीमतों में तेजी आई है। उनके मुताबिक कर्नाटक से नए प्याज की आवक शुरू होने के बाद अगले महीने कीमतें सामान्य स्तर पर आने की उम्मीद है।
अलवर के बाद सीकर में सबसे ज्यादा प्याज उत्पादन
राजस्थान में प्याज उत्पादन के मामले में अलवर के बाद सीकर का दूसरा स्थान बताया जाता है। जिले में प्याज की खेती से 50 हजार से ज्यादा किसान सीधे जुड़े हुए हैं।
ऐसे में प्याज के भाव में तेजी किसानों के लिए राहत लेकर आई है। जिन किसानों के पास फिलहाल प्याज का स्टॉक मौजूद है, वे मौजूदा बाजार भाव का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि उपभोक्ताओं के लिए बढ़ती कीमतें परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
किसानों को फायदा, आम आदमी की रसोई पर असर
सीकर प्याज मंडी के थोक व्यापारी प्रेमसुख काजला के मुताबिक प्याज के भाव में लगातार तेजी बनी हुई है। कीमत बढ़ने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, लेकिन इसका सीधा असर खुदरा बाजार में खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
अब बाजार की नजर नई फसल की आवक पर है। अगर आने वाले दिनों में मंडियों में सप्लाई बढ़ती है तो कीमतों में राहत मिल सकती है। फिलहाल प्याज के बढ़े हुए भाव ने घरों के मासिक बजट को जरूर प्रभावित किया है।