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राजस्थान कांग्रेस में बागियों पर कार्रवाई की तैयारी, निकाय चुनाव की 100 से ज्यादा शिकायतों की जांच

जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन ने निकाय चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले नेताओं और पार्षदों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी शुक्रवार को फिर बैठक करेगी। कमेटी को महापौर और उपमहापौर चुनावों में कथित क्रॉस वोटिंग, पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के नाम वापस लेने और संगठन के खिलाफ काम करने से जुड़ी 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं। वहीं, पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह को जारी कारण बताओ नोटिस की अवधि भी शुक्रवार को पूरी हो रही है।

निकाय चुनाव में बगावत की 100 से ज्यादा शिकायतें

कांग्रेस को भीलवाड़ा, पाली, धौलपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा सहित कई शहरों से शिकायतें मिली हैं। इनमें पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने, महापौर-उपमहापौर चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग और उम्मीदवारों के नाम वापस लेने जैसे मामले शामिल हैं।पार्टी नेतृत्व इन शिकायतों को पंचायत चुनाव से पहले संगठनात्मक अनुशासन के नजरिए से देख रहा है। कमेटी की जांच के बाद संबंधित नेताओं और पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला हो सकता है।

सीपी जोशी की कमेटी को सात दिन में देनी है रिपोर्ट

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 2 अक्टूबर को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी को सात दिन में शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। शुक्रवार को यह अवधि पूरी हो रही है।कमेटी में राम सिंह कस्वां, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, प्रमोद जैन भाया, शकुंतला रावत, हकीम अली, गणेश घोगरा और रघुवीर सिंह राठौड़ सदस्य के रूप में शामिल हैं।रिपोर्टों के अनुसार, पैनल भीलवाड़ा, पाली और भरतपुर समेत विभिन्न नगर निकायों से मिली शिकायतों की जांच कर चुका है। गंभीर मामलों में शिकायतकर्ताओं और जिन नेताओं के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।

जांच के बाद तय होगी कार्रवाई

कांग्रेस की जांच कमेटी का उद्देश्य निकाय चुनाव के दौरान सामने आए विवादों और कथित अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों की पड़ताल करना है। शिकायतों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।इसके बाद पार्टी नेतृत्व तय करेगा कि किन मामलों में संगठनात्मक कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल शिकायत मिलने मात्र से किसी नेता के खिलाफ आरोप साबित नहीं माने जा सकते। अंतिम निर्णय कमेटी की रिपोर्ट और पार्टी की प्रक्रिया के आधार पर होगा।

विश्वेंद्र सिंह के नोटिस की अवधि भी पूरी

पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी लाइन से अलग बयानों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का सात दिन का समय भी शुक्रवार को पूरा हो रहा है।अब पार्टी की अनुशासनात्मक समिति उनके जवाब पर विचार कर सकती है। इसके बाद आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में अंतिम फैसला क्या होगा, यह पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस की 20 सदस्यीय कैंपेन कमेटी

निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस ने पंचायत चुनाव की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से 20 सदस्यीय कैंपेन कमेटी गठित की गई है। इसमें प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट शामिल हैं।कमेटी में सीपी जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, सांसद नीरज डांगी, रामकेश मीणा, रफीक खान, उदयलाल आंजना, प्रमोद जैन भाया, शाले मोहम्मद, प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत, ममता भूपेश, गणेश घोगरा, हरसहाय यादव, एमडी चोपदार और सीबी यादव को भी जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के अग्रिम संगठनों के प्रदेशाध्यक्षों को भी कमेटी में शामिल किया गया है।

पंचायत चुनाव से पहले अनुशासन और प्रचार पर फोकस

कांग्रेस की ओर से एक तरफ निकाय चुनाव में मिली शिकायतों की जांच की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पंचायत चुनाव के लिए प्रचार अभियान की तैयारी भी शुरू हो गई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट से पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकती है।वहीं, कैंपेन कमेटी पंचायत चुनाव के प्रचार और चुनावी गतिविधियों के संचालन में भूमिका निभाएगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शिकायतों पर पार्टी क्या निर्णय लेती है और चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए संगठन किस तरह काम करता है।

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Stv News Rajasthan

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